पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

पर्यूषण महापर्व:श्री दिगंबर जैन मंदिरों में पांचवें दिन उत्तम सत्य धर्म के रूप में मनाया गया

झुमरीतिलैया12 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

श्री दिगंबर जैन मंदिरों में दशलक्षण पर्यूषण महापर्व के पांचवे दिन मंगलवार को उत्तम सत्य धर्म के रूप में मनाया गया। पर्युषण पर्व के पांचवें दिन धर्म सभा को संबोधित करते हुए परम विदुषी आर्यिका 105 सौभाग्य मति माताजी ने कहा कि जो मनुष्य हमेशा अपने मुख से सत्य वचन कहता है वह कभी दुखी नहीं होता है।

उन्होंने कहा कि सत्य धर्म का बीज है और सत्य हमेशा सम्मान प्राप्त करता है। उन्होंने कहा कि सत्य शब्दों में नहीं अनुभूति में होता है, शब्दों के माध्यम से जो कहा जाता है, वह पूर्ण सत्य नहीं होता, लेकिन जब तक व्यक्ति सत्य से परिचित नहीं होता तब तक अंदर के सत्य को भी नहीं पा सकता है।

उन्होंने कहा कि आज व्यक्ति सत्य को भूलकर अपने फायदे के लिए झूठ बोलते है। मकान हो या दुकान, घर हो या ऑफिस, पति पत्नी हो या बच्चे, मित्र हो या पड़ोसी, सबके बीच में झूठा सत्य बोलता है, वही संस्कार बच्चों पर पढ़ते हैं, इसी झूठ के कारण वह समाज में अपेक्षित व बदनाम होता है। उन्होंने कहा कि सत्य आत्मा का सौन्दर्य है और सत्य की अनुभूति शब्द से नहीं सदाचरण से होती है। उन्होंने कहा कि सत्य कुछ समय के लिए विचलित हो सकता है, परंतु पराजित नहीं हो सकता, अंत में सत्य की ही विजय होती है।

इसलिए इस पथ से हटें नहीं डटे रहें। मंगलवार को दोनों मंदिरों में अभिषेक शांतिधारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें बड़े मंदिर के सरस्वती भवन में अक्षय जैन सेठी व व्रत करने वाले सुनील जैन अजमेरा टुन्नू ने शांतिधारा किया। मौके पर जैन समाज के मीडिया प्रभारी नवीन जैन, राजकुमार जैन अजमेरा सहित श्रद्धालु मौजूद थे।

खबरें और भी हैं...