धर्म- कर्म / वट सावित्री की कथा सुन महिलाओं ने मांगा वरदान

Women asked for boon after hearing the story of Vat Savitri
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Women asked for boon after hearing the story of Vat Savitri

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

कांडी. क्षेत्र की प्राय: सभी सुहागिन महिलाओं ने वट सावित्री व्रत का अनुष्ठान किया। कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न वैश्विक महामारी की परिस्थिति में सामूहिक रूप में किए जाने वाले अनुष्ठान को इस वर्ष एकल अनुष्ठान के रूप में मनाया गया। अधिकांश महिलाओं ने वटवृक्ष की एक डाली घर में स्थापित कर वट सावित्री व्रत की पूजा अर्चना की। वैसे कतिपय महिलाओं को वट वृक्ष के नीचे भी एक दो की संख्या में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए पूजा अर्चना करते  देखा गया। इस दौरान उन्होंने पूजा से संबंधित समस्त कर्मकांड कराया। 
मौके पर उपस्थित पुजारी ने पंचोपचार एवं षोडशोपचार पूजन के बाद सावित्री सत्यवान के कथा सुनाए। इसके तहत कहा कि प्राचीन काल में मद्र देश के संतानहीन राजा अश्वपति को सावित्री देवी की पूजा व कठिन यज्ञ के बाद संतान के रूप में पुत्री की प्राप्ति हुई। उन्होंने पुत्री का नाम भी देवी के नाम पर सावित्री रखा। युवा होने पर सावित्री को साल्व देश के राजा सत्यवान से प्रेम हो गया। पिता ने उसे मंत्री के साथ वर चुनने के लिए भेजा तो उसने सत्यवान को ही चुना। लेकिन उसी समय महर्षि नारद ने सत्यवान की अल्प आयु की बाबत बता कर उसकी मृत्यु की तिथि बता दी। इसकी जानकारी होने पर सास ससुर के साथ सावित्री जंगल में रहने लगी। निर्धारित समय आने के पूर्व से ही उसने व्रत रखना शुरू कर दिया। यमराज उसके पति को लेने आए तो वह भी पीछे पीछे चल दी। उसकी धर्म निष्ठा से प्रसन्न होकर यमराज ने वर मांगने के लिए कहा। सबसे पहले सावित्री ने नेत्रहीन सास ससुर के आंखों की ज्योति और दीर्घायु की कामना की। इसे पूरा होने पर भी वह पीछे पीछे जाती रही। इस बार यमराज ने सास ससुर का खोया हुआ राजपाट वापस दे दिया। फिर भी सावित्री पीछे पीछे चलती रही। पुनः और वर मांगने के लिए कहने पर सौ पुत्रों का वरदान मांग लिया। इस प्रकार उसने पति के प्राण वापस मांग लिए। इसी प्रकार पति की दीर्घायु की कामना को लेकर सुहागिन महिलाएं वट सावित्री व्रत करती हैं। इस व्रत में सोशल इंजीनियरिंग का मजबूती से पालन किया गया है।
गढ़वा में सुहागिनों ने की वट सावित्री व्रत की पूजा-अर्चना
विभिन्न स्थान पर शुक्रवार  को पति की लंबी उम्र के लिए महिलाओं द्वारा किया जाने वाला पर्व वट सावित्री पूजा ज़िला मुख्यालय सहित विभिन्न क्षेत्र  में धूमधाम से मनाया गया। ज़िला के विभिन्न स्थान में महिलाएं सुबह से ही सज-धज कर बरगद के पेड़ के पास पूजा करने पहुंचीं। ज़िला के रामलला कुटी, दीपुआ मुहल्ला, कचहरी रोड, सहिजना, तेनार, कल्याणपुर, नवादा सहित आदि स्थान में मौजूद कई वट वृक्षों के पास इस दौरान महिलाओं की काफी भीड़ रही। बरगद के वृक्ष के चारों ओर सूत के कपड़ों के साथ परिक्रमा करते हुए महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु की कामना की। सुबह धूप कम रहने की वजह से महिलाओं की ज्यादा भीड़ नजर आई। चढ़ते सूरज के साथ भी महिलाओं की संख्या बढ़ती गई। गर्मी के असर से दूर महिलाएं वट वृक्ष की पूजा के लिए आतुर दिखीं।

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