दाल-भात केंद्र:डीएसओ ने आपूर्तिकर्ता से मांगा स्पष्टीकरण

कोडरमा2 महीने पहले
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जिले में गरीबो के एक शाम का भोजन किफायती दर पर उपलब्ध कराने को लेकर संचालित किए जा रहे दाल-भात केंद्र पर संचालक व आपूर्तिकर्ता के आपसी घालमेल से फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। आपूर्तिकर्ता केंद्रों पर चावल सहित निर्धारित सामग्री पहुंचाने के बजाए संचालनकर्ता को सीधे प्रति माह के आवंटित अनाज के हिसाब से राशि देकर इससे पैसे की कटौती कर रहे है। इस प्रकार की एक शिकायत अनुमंडल कार्यालय के समीप सिपरोज महिला मंडल की ओर से संचालित हो रहे दाल-भात केंद्र की संचालिका ने की है।

उन्होंने बताया कि नवंबर माह में उसके कुल आवंटन के हिसाब से 33 हजार के लगभग का बिल बना था, जिसके तहत आपूर्तिकर्ता द्वारा अनाज की आपूर्ति न कर उससे 33 हजार रुपए के बाउचर पर साइन कराकर उसे 23 हजार रुपए थमा दिए। उसने इसका विरोध करते हुए डीएसओ को जानकारी देने की बात कही है।

उल्लेखनीय हो कि जिले में शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 9 दाल-भात केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। जहां प्रति व्यक्ति 5 रुपए के हिसाब से खाना उपलब्ध कराया जाता है। इसके संचालन को लेकर शहरी क्षेत्र में प्रतिदिन 200 एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 150 का कोटा निर्धारित है।

आपूर्ति विभाग स्तर से केंद्रों को चावल, चना व सोयाबीन आपूर्तिकर्ता के माध्यम से प्रतिमाह उपलब्ध कराई जाती है। क्षमता के हिसाब से शहरी केंद्रों के लिए प्रतिमाह 12.40 क्विंटल चावल, 40 किलो चना व 37.50 किलो सोयाबीन व ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 9.30 क्विंटल चावल, 30 किलो चना व 28 किलो सोयाबीन उपलब्ध कराई जाती है।

आपूर्ति कर्ता का चयन पिछले माह ही किया गया था, जिसके तहत उसके द्वारा सभी केंद्रों में राशन आपूर्ति को लेकर 2 लाख 20 हजार रुपए की राशि विभाग से प्राप्त की है। जिला प्रशासन की पहल पर कई केंद्रों को मॉडल केंद्र बनाया गया है।

सभी केंद्रों की जांच कर अनाज की जानकारी दें
अनाज के बदले दाल-भात केंद्र के संचालक को राशि देने व इसमें कटौती किए जाने के मामले में जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रमोद राम ने आपूर्तिकर्ता से स्पष्टीकरण की मांग की है। उन्होंने बताया कि पूर्व में ही आपूर्तिकर्ता को सही तरीके से केंद्रों में अनाज आपूर्ति करने का निर्देश दिया गया था। उन्होंने बताया कि वे सभी केंद्रों की जांच कर आपूर्ति किए गए अनाज की जानकारी लेंगे। साथ ही गड़बड़ी पाए जाने पर आपूर्तिकर्ता को काली सूचि में डाला जाएगा।

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