आदेश की अवहेलना:काफी समय बीतने के बाद भी अब तक पेट्रोल पंपों पर नहीं लगाए गए हैं प्रदूषण जांच केंद्र, 42 में मात्र 7 पर ही लग सकी पीयूसी

कोडरमाएक वर्ष पहले
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सुप्रीम कोर्ट द्वारा सभी पेट्रोल पंपों पर प्रदूषण जांच केंद्र लगाए जाने के दिए गए निर्देश के काफी समय बीतने के बाद भी अब तक जिले में पूर्ण रूप से इस आदेश का अनुपालन नहीं हो सका है। जिले में अधिकांश पेट्रोल पंप पर प्रदूषण जांच केंद्र स्थापित नहीं किए जा सके है। परिवहन विभाग द्वारा पीयूसी स्थापित करने को लेकर पूर्व में कई बार पेट्रोल पंप संचालकों के साथ बैठक कर आदेश निर्गत किए जा चूके है,

मगर संचालकों द्वारा आदेश का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। विभाग स्तर से पीयूसी की स्थापना को लेकर जारी दिशा निर्देश में पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा निर्देश के बाद भी पीयूसी नहीं लगाने वाले पेट्रोल पंप के लाईसेंस रद्द कर दिए जाने के निर्देश दिए गए है। मगर आदेश की अवहेलना के बाद भी अब तक जिले में किसी भी पेट्रोल पंप का लाईसेंस निरस्त नहीं किया जा सका है।

साथ ही जिले में संचालित अधिकांश पेट्रेाल पंप का लाईसेंस भी पीयूसी के अभाव में पिछले लगभग एक सालाें से रिनुअल नहीं किया जा सका है। इसे घोर लापरवाही मानी जा रही है। पीयूसी के स्थापित करने के संबंध में परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में कुल 42 पेट्रोल पंप का संचालन किया जा रहा है। जिसमें इस आदेश के तहत अब तक 15 संचालकों द्वारा लाईसेंस लेने की प्रक्रिया पूरी किए जाने की बात सामने आई है। वहीं विभाग स्तर से मिली जानकारी के अनुसार इनमें से मात्र 7 पेट्रोल पंप पर ही पीयूसी की स्थापना किए जाने की बात कही गई है।

जानकारी के अनुसार जिन पेट्रोल पंप पर पीयूसी की स्थापना की गई है, उन्हें वाहन जांच को लेकर ऑनलाइन रिपोर्ट देना है। इसके अलावा शेष बचे 27 पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा अब तक मात्र आवेदन देने की प्रक्रिया ही पूरी की जा रही है। परिवहन पदाधिकारी भागीरथ प्रसाद ने बताया कि पीयूसी लगाने को लेकर पिछले दिनो पेट्रेाल पंप संचालकों के साथ

बैठक कर उन्हें 31 अगस्त तक हर हाल में इसकी स्थापना के निर्देश दिए गए है। उन्होंने बताया कि बैठक में कई पेट्रोल पंप संचालकों ने कहा कि उनके द्वारा मशीन खरीदने का ऑर्डर दिया गया है, मगर इसकी आपूर्ति नहीं की गई है। डीटीओ के अनुसार मशीन लगाने की सूचना दिए जाने के बाद इसकी जांच कर विभाग को रिपोर्ट भेजी जाती है। तत्पश्चात लाईसेंस निर्गत किए जाने को लेकर संचालक को 10 हजार रुपए का एनएसी जमा करना है।

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