काला कानून:संपत्तियों को कारपोरेट हाथों में बेच युवाओं के सपनों को कुचल रही है सरकार

कोडरमा2 महीने पहले
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धरना में शामिल लोग। - Dainik Bhaskar
धरना में शामिल लोग।

केंद्र सरकार द्वारा लागू किसान विरोधी तीनों कृषि काला कानून को निरस्त करने की मांग को लेकर महा गठबंधन व वामदलों की ओर से बुधवार को समाहरणालय के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में झामुमो, कांग्रेस, भाकपा,राजद, सीपीआईएमएल, सीपीआई, सीपीएम के नेता व कार्यकर्ता शामिल थे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए झामुमो के केन्द्रीय समिति सदस्य गंगा प्रसाद यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार की गलत नीतियों के कारण लगभग 10 महीने से किसान दिल्ली के बार्डर पर धरना पर बैठे हुए हैं। इस दौरान लगभग 700 किसानों की मृत्यु हो गई। उन्होंने कहा कि भारत के लोकतंत्र में आम जनता गुलाम हो गई है, इससे अच्छा तो अंग्रेज थे,जो गुलामी प्रथा को समाप्त किए। कार्यक्रम का संचालन करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज सहाय पिंकू ने कहा कि हर खेत में पानी पहुंचेगा और खुशहाली आयेगी, लेकिन वो सपना आज भी अधूरा है।

उन्होंने कहा कि केन्द्र की भाजपा नीत मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण बेरोजगारों की फौज खड़ी हो गई है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में करोड़ों लोगों का रोजगार छिन गया। वहीं कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता ईश्वर आनन्द ने कहा कि केन्द्र सरकार सार्वजनिक संपत्तियों को कारपोरेट घरानों के हाथों में बेचकर निजीकरण के रास्ते युवाओं के सपनों को कुचलने का काम किया जा रहा है। सीपीआई के असीम सरकार ने कहा कि किसान भूखे मर रहे हैं और सरकार को किसानों के दर्द से कोई मतलब नहीं है। माकपा के रमेश प्रजापति ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार पूंजीपतियों के लिए काम कर रही है।

झामुमो के केन्द्रीय समिति सदस्य संजय पांडेय ने कहा भाजपा नीत केन्द्र सरकार की गलत कृषि कानून लागू करने से कितने किसान काल के गाल में समां गये। वहीं रविन्द्र शांडिल्य ने कहा कि ये तीन काला कानून किसानों के हित में नहीं है,तीनों काला कानून को वापस लेकर एमएसपी को कानूनी रुप दे और ससम्मान किसानों को उनको अपने घर भेजने का काम करे। वहीं सिविल सोसायटी के उदय द्विवेदी ,श्याम देव यादव, वरिष्ठ कांग्रेसी राम लखन सिंह, प्रदेश प्रतिनिधि तुलसी मोदी, अनवारूल हक,उपाध्यक्ष राम लखन पासवान,फैयाज कैसर, विश्वनाथ राय, झामुमो सचिव कामेश्वर महतो, सोशल एक्टिविस्ट अशोक वर्मा सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने भी संबोधित किया।

मौके पर संजय पासवान,बाबूलाल साव,चरणजीत सिंह मंगू, प्रभात कुमार राम,भागीरथ पासवान,राजू सिंह,चांद आलम विजय सिंह,नूर आलम,आशिन अंसारी,भोला दास, बैजनाथ मेहता,गणेश राय, वीरेंद्र पांडेय, इस्लाम अंसारी, गोविंद बिहारी, चंद्रदेव यादव, सुरेंद्र राम के अलावा अन्य लोग मौजूद थे। आभार प्रकट सत्यदेव राय ने किया। धरना के पश्चात 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम 11 सूत्री मांगो का एक स्मार पत्र उपायुक्त को सौंपा।

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