मानव शरीर:हृदय दिवस मनाया... खान-पान में असावधानी हृदय रोग का है कारण

कोडरमा2 महीने पहले
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सदर अस्पताल में बुधवार को विश्व हृदय दिवस मनाया गया। मौके पर मुख्य रूप से सिविल सर्जन डाॅ. डीपी सक्सेना, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डाॅ. रमण कुमार, जिला मलेरिया पदाधिकारी डा. मनोज कुमार, डीपीएम महेश कुमार, डा. शरद कुमार के अलावा सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी, कर्मचारी मौजूद थे। मौके पर सीएस सक्सेना ने विश्व हृदय दिवस पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मानव शरीर में हृदय एक महत्वपूर्ण अंग है, जो लगातार रक्त पंप करता है और ऑक्सीजन की आपूर्ति करता है।

उन्होंने कहा कि जब हृदय के सामान्य कार्य गड़बड़ाते हैं, तो हृदय रोग उत्पन्न होते हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्ति में स्वास्थ्य की स्थिति मुख्य रूप से रक्त वाहिकाओं और संचार प्रणाली से संबंधित है, कभी-कभी यह विकृति और हृदय से संबंधित अन्य स्वास्थ्य मुद्दों से भी जुड़े होते हैं। वहीं हृदय रोग विशेषज्ञ डा. मनोज कुमार ने बताया कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों को हृदय रोगों का खतरा अधिक होता है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की उम्र बढ़ने के साथ ही हृदय की बीमारियों का खतरा अधिक होता है। यदि परिवार के किसी सदस्य को हृदय रोग है, तो यह परिवार के अन्य व्यक्ति को भी प्रभावित कर सकता है। उन्होंने कहा कि मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों को नियंत्रित नहीं करने और उनका इलाज नहीं करने पर हृदय से संबंधित समस्याएं होती हैं।

उन्होंने कहा कि धूम्रपान, शारीरिक गतिविधि में कमी, मोटापा, जंक फूड खाने से उच्च कोलेस्ट्रॉल का स्तर हृदय रोग की संभावना को बढ़ाते हैं। उन्होंने इसके लक्षणों के बारे बताया कि जिसे सिने में दर्द, गले और जबड़े में दर्द, चक्कर आना, गैस की समस्या, पैरों में सूजन या बहुत पसीना आता हो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। नोडल पदाधिकारी एनसीडी सेल के डाॅ. रमण कुमार, दंत चिकित्सक डा. शरद कुमार ने हृदय रोग के जोखिम कारकों को नियंत्रित करने के लिए एहतियाती उपाय बताते हुए लोगो को सावधानी रखने की सलाह दी। मौके पर डीडीएम पवन कुमार, डीयूएचएम विनीत अग्निहोत्री, पीएसडब्लू सिद्धान्त ओहदार, डीपीए प्रदीप कुमार, हिमांशु कुमार, गणेश कुमार दास सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे।

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