पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

झारखंड राज्य खनिज विकास निगम:भू-माफियाओं ने एक साल पहले जेएसएमडीसी की 27.70 एकड़ जमीन बेच डाली थी, अब कोडरमा के डीसी ने दिया 24 घंटे के अंदर कार्रवाई का आदेश

कोडरमा4 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • कोडरमा में सरकारी जमीन बिक्री के खेल में माफियाओं पर नकेल... अपर समाहर्ता ने विभाग के पदाधिकारियों को जारी किया कार्रवाई का निर्देश

झारखंड राज्य खनिज विकास निगम लिमिटेड की कोडरमा अंचल अंतर्गत गुमो माैजा स्थित 27.70 एकड़ जमीन की गलत तरीके से बिक्री कर दिए जाने के मामले में उपायुक्त आदित्य रंजन द्वारा मामले को गंभीरता से लिया गया है। इस मामले में उनके द्वारा दिए गए निर्देश के आलोक में अपर समाहर्ता अनिल तिर्की ने जेएसएमडीसी के खान अभिकर्ता को पत्र लिखकर 24 घंटे के अंदर मामले में अंचलाधिकारी से संपर्क करने एवं आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा पत्र में यह भी कहा गया है कि निर्देश की अवहेलना किए जाने पर विभाग के पदाधिकारी के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जेएसएमडीसी के प्रबंध निदेशक ने 16 जून 2020 को दी थी सूचना, भू-माफियाओं ने जमीन पर कब्जा जमा लिया है

खान अभिकर्ता को भेजे गए पत्र में अपर समाहर्ता तिर्की ने कहा है कि अंचल अंतर्गत गुमो मौजा थाना संख्या 12 अंतर्गत 27.70 एकड़ भूमि की गलत तरीके से बिक्री कर दिए जाने को लेकर प्रशासन को सूचित किए जाने के एवज में अधोहस्ताक्षरी द्वारा पूर्व में पूरे मामले की जांच को लेकर जेएसएमडीसी के पदाधिकारी को उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया था, ताकि उनकी उपस्थिति में उक्त जमीन का स्थल निरीक्षण एवं मापी का कार्य कराया जा सके। मगर कई बार सूचित किए जाने के बाद भी विभाग के पदाधिकारी द्वारा जांच कार्य को लेकर निर्देश के आलोक में अंचलाधिकारी से संपर्क स्थापित कर तिथि का निर्धारण नहीं कराया गया है। इस कारण इस मामले में आगे की कार्रवाई नहीं हो सकी है। अपर समाहर्ता ने भेजे गए पत्र में खान अभिकर्ता को इस मामले में लापरवाही बताते हुए कहा है कि उनके इस रवैए से यह प्रतीत होता है कि उक्त भूमि के कथित खरीद फरोख्त में उनकी भी सहभागिता रही है।

क्या है मामला

जेएसएमडीसी के प्रबंध निदेशक द्वारा 16 जून 2020 को पत्र के माध्यम से सूचित किया गया था कि विभाग के गुमो मौजा स्थित 27.70 एकड़ जमीन की भू-माफियाओं द्वारा अंचल कार्यालय के मिलीभगत से बिक्री कर दी गई है। गलत तरीके से विभाग के जमीन की बिक्री के मामले में खरीदारों का दाखिल खारिज कर रसीद भी निर्गत कर दिया गया है। प्रबंध निदेशक द्वारा बताया गया था कि गुमो मौजा स्थित खाता नंबर 220/705, प्लॉट संख्या 6213 व 6215 स्थित कुल 76.70 एकड़ जमीन जंगली क्षेत्र में माइंस के संचालन को लेकर वन विभाग को उपलब्ध कराने के लिए पूर्व में खरीदी गई थी।

जिसमें 49 एकड़ जमीन वन विभाग को स्थानांतरित कर दिया गया था, जबकि 27.70 एकड़ जमीन निगम के पास है। उक्त जमीन का 2010-2011 तक का रसीद भी निर्गत है। बावजूद इसके भूमाफियाओं ने उक्त जमीन की अंचल के मदद से खरीद बिक्री कर डाली। जमीन के खरीदारों द्वारा उक्त जमीन पर पक्के मकान सहित चहारदीवारी का निर्माण भी करा दिया गया है। इसके अलावा कुछ खरीदारों द्वारा उक्त जमीन को एग्रीमेंट व फर्जी हुकुमनामे के आधार पर बेंच भी दिया गया है।

न्यायालय में मामला दर्ज, फिर भी जमीन की दाखिल खारिज करने के मामले में डीसी से कार्रवाई की मांग

कोडरमा | कोडरमा अंचल के कर्मियों व पदाधिकारियों पर काफी अरसे से जमीन की गलत तरीके से रसीद व दाखिल खारिज के अलावा जीएम लैंड से संंबंधित संदिग्ध जमाबंदी के मामले में गड़बड़ी का मामला प्रकाश में आया है। गुमो निवासी मुरली पांडेय ने उपायुक्त को आवेदन देकर अंचल स्तर से न्यायालय में चल रहे वाद के बावजूद जमीन का दाखिल खारिज कर देने की शिकायत की है।

आवेदन में कहा गया है कि थाना नंबर 12 अंतर्गत खाता नंबर 523 एवं प्लॉट नंबर 5562 अंतर्गत 6 एकड़ 40 डिसमिल जमीन का मामला न्यायालय में होने के बाद भी इस जमीन का 32 लोगों के नाम से दाखिल खारिज कर दिया गया है। उक्त जमीन से संबंधित पूर्व से जमाबंदी भी कायम है। साथ ही पूर्व में इस जमीन की दाखिल खारिज को लेकर दिए गए आवेदन को तत्कालीन अंचलाधिकारी द्वारा न्यायालय में वाद दायर होने को लेकर जमाबंदी से इंकार कर दी गई थी। आवेदन देने वाले ने कहा है कि उक्त जमीन की जमाबंदी कोरोना महामारी के दौरान लागू लॉकडाउन के दौरान की गई है।

खबरें और भी हैं...