चहल-पहल:अपनी संतान की दीर्घायु के लिए माताओं ने किया जीवित्पुत्रिका व्रत

इटखोरी2 महीने पहले
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अपनी-अपनी संतानों की दीर्घायु के लिए माताओं ने 24 घंटे का निर्जला उपवास रखकर बुधवार शाम जीवित्पुत्रिका व्रत की। पूजन के दौरान माताओं ने जीवित्पुत्रिका से संबंधित पुरोहितों से कथा भी श्रवण किया। इसके बाद पूजा स्थल पर रात्रि जागरण कर भजन कीर्तन की। फिर गुरुवार की अहले सुबह गौशाला में जाकर माताओं ने पारण की। इससे पूर्व माताओं ने टोली बनाकर अपने-अपने नजदीकी नदी और तालाब पर पहुंचे। यहां से गीली मिट्टी लेकर गीत गाते अपने घर लौटे।

और घर आकर इसी मिट्टी से माताओं ने चील और सियारिन की प्रतिमा बनाए। इसके बाद पूजा स्थल पर पाकर का डाल स्थापित कर वहां इन दोनों प्रतिमाओं को रखकर जीवित्पुत्रिका व्रत की। इस व्रत को धारण कर माताओं ने अपने-अपने पुत्रों की लंबी उम्र की कामना की। जीवित्पुत्रिका व्रत को लेकर इटखोरी बाजार में भी 29 सितंबर को काफी चहल-पहल का माहौल रहा। विभिन्न दुकानों में माताओं ने पूजा से संबंधित सामग्रियों की खरीदारी करने में मशगूल दिखे।

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