गोष्ठी का आयोजन:केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण बेरोजगारी की फौज खड़ी हुई

कोडरमा2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

भारत की जनवादी नौजवान सभा ने शहीदे आजम भगत सिंह की 114वीं जन्मशती पर मंगलवार को एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया। मौके पर सर्वप्रथम शहीद भगत सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मौके पर डीवाईएफआई के राज्य सचिव संजय पासवान ने कहा कि भगत सिंह ने हिंदुस्तान की आजादी के लिए 24 वर्ष की उम्र में हस्ते हस्ते फांसी पर चढ़ गए और शहीद हो गए। उन्होंने कहा कि आज़ादी के दीवानों का सपना था कि भारत देश आज़ाद होगा तो एक ऐसा समाज का निर्माण होगा, जहां मनुष्य के द्वारा मनुष्य का शोषण नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि सबको एक समान शिक्षा व रोजगार की गारंटी होगी और हर खेत में पानी पहुंचेगा तथा खुशहाली आएगी, लेकिन वह सपना आज भी अधूरा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र की भाजपा नीत मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण बेरोजगारी की फौज खड़ी हो गई है। कोरोना काल में 12 करोड़ लोगों का रोजगार छीन गया है। रोजगार पैदा करने वाली सार्वजानिक संपत्तियों को कॉरपोरेट के हाथों में बेचकर निजीकरण के रास्ते युवाओं के सपनों को कुचला जा रहा है।

वहीं एसएफआई नेता मुकेश कुमार यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति से गरीब व किसान के बेटे उच्च शिक्षा से वंचित हो जायेंगे और शिक्षा मुट्ठी भर अमीर लोगों के लिए रह जाएगा। गोष्ठी को डीवाईएफआई के जिला सचिव सुरेन्द्र राम, जिलाध्यक्ष परमेश्वर यादव ने भी संबोधित करते हुए कहा कि नौजवानों को संगठन से जोड़ना होगा और उन्हें भगत सिंह के विचारों से अवगत कराकर क्रांतिकारी आंदोलन के लिए प्रेरित करना होगा। उन्होंने कहा कि आज देश फिर से गुलामी के रास्ते पर जा रहा है। मौके पर आशीष कुमार, बैजनाथ साव, विजय सिंह, राजेश यादव, मंटू यादव, मुकेश यादव, पंकज यादव, सकलदेव यादव सहित अन्य लोग मौजूद थे।

खबरें और भी हैं...