इबादत / हजारों हाथों ने अल्लाह ताअला की बारगाह में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए दुआ मांगी

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  • रमजानुल मुबारक का अंतिम अलविदा जुमा लाेगाें ने घरो में अदा किया

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 06:49 AM IST

कोडरमा. अलविदा जुमा की नमाज़ लोगों ने कोरेना संक्रमण को लेकर घरों में पड़ा। रमजान उल मुबारक के अंतिम जुम्मा लोगों ने अपने घरों में सोशल डिस्टेंडिंग का पालन करते हुए पूरे एहतेमाद के साथ नमाज अदा की। अलविदा जुमा की नमाज़ के बाद हजारों हाथों ने अल्लाह ताअला की बारगाह में उठाकर पूरे देश में आए कोरेना संक्रमण से बचाव के लिए अल्लाह से दुआ मांगा, वही मुल्क की अमन चैन व शांति के लिए भी लोगों ने दुआं की। अलविदा जुम्मा की नमाज अदा करने वाले लोगों में रमजान का बा-बरकत महीना जाने का गम भी देखा गया। वही लोग अल्लाह ताअला से अगले साल इबादत करने कि मौका इनायत करने की दुआ मांगी। दूसरी ओर जिला के तमाम मस्जिदों में सरकार के गाइडलाइन के अनुसार 4 से 5 लोग अलविदा जुमा की नमाज़ अदा किया। मस्जिदों में अलविदा नमाज अदा करने वालों में इमाम के अलावा मोअज्जीन व मस्जिद कमेटी के इंतजामियां के लोग शामिल थे। मालूम हो कि रमजान उल मुबारक का आज 28वां रोजा मुकम्मल हो चुका है। एक माह तक चलने वाले बा-बरकत व रहमत का   यह  माह का मात्र दो दिन बचा हुआ है। रमजान के अंतिम  आसरा में  लोग ज्यादा समय इबादत में लगा रहे हैं। लोगों का मानना है कि इस माह में इबादत करने से उनके सारे गुनाह माफ हो जाते है। जामा मस्जिद असनाबाद के इमाम मुफ्ती हाफिज सरफराज मुजाहिर  ने  कहा की रोजेदार का बड़ा सवाल आया है और अल्लाह ताला के नजदीक रोजेदार का बड़ा दर्जा है। उन्होंने कहा कि प्यारे नबी सल्लल्लाहो अलेही वसल्लम ने फरमाया है कि जिसने रमजान के रोजा सिर्फ अल्लाह ताअला के वास्ते सवाब समझ कर रखा, तो उसके अगले पिछले गुनाह बख्श दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि रोजेदार के मुंह की बदबू अल्लाह ताअला के नजदीक मुस्क के खुशबू से ज्यादा प्यारी है। उन्होंने कहा कि जो मुसलमान इतना मालदार हो कि उस पर जकात वाजिब हो, तो उसे ईद के दिन सदका देना वाजिब है। उन्होंने कहा कि इसी तरह जब माल पर पूरा साल गुजर जाए, तो उसे फौरन जकात अदा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर जकात वाजिब है, उन्हें चाहिए कि कोरेना संक्रमण के दौरान जो लोग माजूर हैं और जिनके समक्ष भूख की स्थिति उत्पन्न हो गई है, तो उनलोगों को जकात की माल से मदद करें, यही इंसानियत की सबसे बड़ी तकाजा है। उन्होंने कहा कि गरीबों का ख्याल रखने वाला पर अल्लाह  मेहरबानी करता है, इसलिए लोगों को चाहिए कि वे जरूरतमंदों का ख्याल रखें और उन्हें ज्यादा से ज्यादा मदद पहुंचाएं।
काजी-ए-शहर ने की लोगों से आज चांद देखने की अपील
काजी -ए- शहर मुफ्ती मोहम्मद नसीम ने लोगों से रमजान मुबारक की 29वीं तारीख कि चांद देखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को आज  रमजान कि चांद नजर आए, तो वे दारुल कजा कार्यालय असनाबाद में इसकी जानकारी दें। उन्होंने कहा कि चांद देखने वाले व्यक्ति या तो खुद आकर चांद देखे जाने की गवाही दे, या फिर मोबाइल नंबर 8507825390 और  7004853056 पर इसकी जानकारी दें। रमजान मुबारक  का 29वां रोजा के दिन शनिवार की शाम में लोग ईद का चांद देखने की कोशिश करें और चांद दिखने पर वे दारुल कजा को इसकी जानकारी दें। उन्होंने कहा कि अल्लाह के रसूल ने फरमाया है कि गरीब मिस्कीनों के ऊपर ख्याल रखने वाले शख्स पर कयामत के दिन अल्लाह ताअला रहम व करम का मामला फरमाते हैं।

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