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बूढ़ाघाघ फॉल पर चढ़ी जवानी:जून का कोटा फुल उफनाए नदी-नाले

लातेहारएक महीने पहले
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फोटो | तनवीर अहमद - Dainik Bhaskar
फोटो | तनवीर अहमद

मॉनसून की पहली बारिश में ही पलामू प्रमंडल में जून का बारिश का कोटा फुल हो चुका है, इसलिए नदी-नाले उफनाने लगे हैं। पलामू में जून की औसत बारिश 152.4 मिमी है, जबकि 18 जून तक जिले में 245.8 मिमी वर्षा हो चुकी है। शुक्रवार को यहां 6 मिमी बारिश हुई वहीं लातेहार में 17 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। करीब एक सप्ताह से रुक रुक कर हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर काफी बढ़ गया है, वहीं गर्मी में सूख चुके लोध प्रपात (बूढ़ा घाघ), मिरचइया फॉल में जवानी आ गई।

143 मी. ऊंचाई है झारखंड के सबसे बड़े जलप्रपात लोध (बूढ़ा घाघ) की

लातेहार के महुआडांड़ में स्थित लोध जलप्रपात या बूढ़ाघाघ राज्य का सबसे बड़ा फॉल है। इसकी ऊंचाई 143 मीटर है। मानसून की बारिश में बूढ़ा नदी उफनाई हुई है इसलिए बूढ़ाघाघ पूरे यौवन में है।

पलामू से 105, महुआडांड़ से 15 किमी दूरी

राज्य के सबसे ऊंचे जलप्रपात लोध (बूढ़ा घाघ) की पलामू प्रमंडलीय मुख्यालय से दूरी 105 किमी है। वहीं महुआडांड़ प्रखंड से यह मात्र 15 किमी दूर है। इस जलप्रपात पर प्रकृति ने दिल खोलकर अपना सौंदर्य लुटाया है। इतनी ऊंचाई से गिरने वाली जलधाराएं चट्‌टानों से अठखेलियां करती दिखती हैं। इसकी दूध जैसी स्वच्छ जलधारा को देखने दूर-दूर से सैलानी यहां सालों भर आते रहते हैं।

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