इंटरमीडिएट की परीक्षा:छात्र-छात्राओं पर लाठी चार्ज को बर्बरता बताया, आजसू ने की निंदा

लातेहार2 महीने पहले
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धनबाद में 12वीं के अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों पर पुलिस द्वारा की गई लाठीचार्ज की आजसू पार्टी ने कड़ी निंदा किया है। आजसू पार्टी ने मांग किया है कि घटना में दोषी प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों पर करवाई हो और छात्र छात्राओं के साथ न्याय हो। जिला प्रवक्ता नितेश पाण्डेय ने कहा कि शांतिपूर्ण रुप से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे निहत्थे विद्यार्थियों पर बर्बरतापूर्ण तरीके से पुलिस ने लाठीचार्ज किया है।

कार्रवाई से वर्तमान सरकार की संकुचित मानसिकता और बेटियों के प्रति सरकार की सोच का पता चलता है। जनसमस्याओं का समाधान करना ही सरकार का मूल दायित्व होता है, लेकिन इसके विपरीत सरकार के कैबिनेट मंत्री की उपस्थिति में पुलिस द्वारा लाठीचार्ज के माध्यम से छात्र छात्राओं की आवाज़ को ही दबाना शुरु कर दिया है। कोरोना महामारी का असर हर कोई पर पड़ा है, चाहे वो छात्र हों ,व्यापारी हों, या कोई और। कोरोना से पूरा विश्व जूझ रहा है और हर कोई अपने स्तर से इस वैश्विक महामारी से उपजे संकट से निबटने में लगा हुआ है।

मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा भी कोविड के खतरे को ध्यान में रखते हुए रद्द की गई थी और बिना परीक्षा के सभी का मूल्यांकन पुराने परीक्षाओं के हिसाब से विद्यार्थियों को प्रमोट किया गया है। शिक्षा मंत्रालय व सरकार का यह दायित्व है कि जिन विद्यार्थियों को फेल किया गया। उनके मूल्यांकन का क्या आधार था। इसे सूचित करें। मगर हेमन्त सरकार अधिकार की लड़ाई लड़ने वालों की आवाज को लाठी के बल पर दबाने का काम कर रही हैं।

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