सर्च ऑपरेशन:मरा हुआ समझकर उग्रवादी की ओर बढ़ रही थी पुलिस; उसने चला दी गोली, जगुआर के डिप्टी कमांडेंट राजेश कुमार शहीद

लातेहार2 महीने पहले
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शहीद कमांडेंट को 2 गोली लगी। एक बांह में, दूसरी कमर से नीचे। हेलीकॉप्टर से मेडिका ले जाया गया। - Dainik Bhaskar
शहीद कमांडेंट को 2 गोली लगी। एक बांह में, दूसरी कमर से नीचे। हेलीकॉप्टर से मेडिका ले जाया गया।
  • लातेहार में सर्च ऑपरेशन के दौरान जेजेएमपी उग्रवादियों से मुठभेड़, मरने से पहले उग्रवादी ने बरसा दीं गोलियां
  • पुलिस का एक जवान भी मुठभेड़ के बाद लापता

सलैया जंगल में मंगलवार को उग्रवादी संगठन झारखंड जनमुक्ति मोर्चा (जेजेएमपी) और झारखंड जगुआर (जेजे) पुलिस में मुठभेड़ हुई। इसमें पुलिस ने जहां एक उग्रवादी को मार गिराया, वहीं जगुआर के डिप्टी कमांडेंट राजेश कुमार भी शहीद हो गए। पुलिस पूरे इलाकेे की घेराबंदी कर देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाती रही। उग्रवादी के शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है। वहीं एक पुलिस जवान के लापता होने की भी सूचना है।

मुठभेड़ में शामिल झारखंड जगुआर के एक जवान ने बताया कि सलैया जंगल में करीब 40 जेजेएमपी उग्रवादियाें के हाेने की सूचना पर सर्च ऑपरेशन चला रही थी। अचानक उग्रवादियों ने फायरिंग करनी शुरू कर दी।

जवाबी कार्रवाई में एक नक्सली को गोली लगी। उसे मृत समझ पुलिस आगे बढ़ी। इसी दौरान जख्मी उग्रवादी ने अपनी एके-47 से फायरिंग की, जिससे टीम का नेतृत्व कर रहे डिप्टी कमांडेंट राजेश कुमार को गोली लग गई। उन्हे 108 एंबुलेंस से राजहार स्थित अस्थाई हेलीपैड लाया गया, फिर हेलीकॉप्टर से मेडिका अस्पताल रांची ले जाया गया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने उग्रवादी के शव के साथ उसकी एके-47 बरामद की है।

3 दिन पहले लातेहार बुलाया था परिवार

डिप्टी कमांडेंट राजेश कुमार ने पत्नी और बच्चों को लातेहार घुमाने के लिए तीन दिन पहले ही बुलाया था। तीनों को उन्होंने लातेहार में रह रहे छोटे भाई के यहां रखा था। सूचना पर पत्नी, दो बेटियों, एक बेटे और गोतनी के साथ राजहार स्थित हैलीपैड पर पहुंचीं। बाद में सभी रांची के लिए रवाना हुए।

इनसाइड स्टोरी

उग्रवादियों को पुलिस पार्टी के पहुंचने की भनक लग चुकी थी

पुलिस को सूचना मिली थी कि सलैया जंगल में जेजेएमपी सुप्रीमो पप्पू लोहरा अपने उग्रवादी दस्ते के साथ मौजूद है। डिप्टी कमांडेंट राजेश कुमार के नेतृत्व में जवान सर्च ऑपरेशन के लिए निकले। उग्रवादियाें काे पुलिस के आने की भनक लग चुकी थी। 3.30 बजे अचानक उग्रवादियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जेजेएमपी की ताकत को पुलिस ने कम आंका, जबकि उसके पास एके-56, एके-47 जैसे हथियार थे।

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