जिम्मेदारी / नन्हे कंधों पर आया खेती बाड़ी का बोझ, इधर खेल-खेल में बच्चों ने बनाया हल

The burden of farming fence came on the shoulders, children made a solution here in sports and games
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The burden of farming fence came on the shoulders, children made a solution here in sports and games

दैनिक भास्कर

Jun 02, 2020, 06:22 AM IST

मांडू. लाॅकडाउन के बाद मांडू व आसपास के आदिवासी क्षेत्र में ग्रामीणाें की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। इसके चलते यहां की बदली-बदली सी तस्वीर नजर आने लगी है। खेती किसानी का बोझ नन्हे कंधों पर भी आ चुका है। आर्थिक हालातों से उभरने के लिए पूरा परिवार लगा हुआ है। बड़े पैमाने पर लाेग पलायन कर घर पहुंचे हैं।

अब आगामी फसल की बोवनी के लिए खेत तैयार करने में लगे हैं। कई परिवार ऐसे भी है जाे अब भी यहां नहीं पहुंच पाए। ऐसे में घर पर रहे बच्चे खेत तैयार करने में लगे हैं। मानसून की पहली बारिश के बाद से ही क्षेत्र में सोयाबीन और मक्का की बाेवनी शुरू हाे जाएगी। स्कूल, कॉलेज खुलने को लेकर कोई निर्देश नहीं आने से विद्यार्थी भी अपने परिवार के काम में हाथ बंटा रहे है। 

इधर वार्ड क्र. 8 में आदिवासी परिवार के तीन छोटे बच्चों ने अपने माता-पिता को हल के साथ काम करता देख तीनों बच्चों ने मिलकर एक छोटा हल बनाया। इन बच्चों ने हल बनाकर इसका प्रयोग अपने खेलने के साथ खेत को सुधारने में भी किया। बालिका वैष्णवी सोनिया ने छोटे भाई पृथ्वी के साथ मिलकर हल तैयार किया। मनोरंजन कर दो बच्चे हल खींचते है और एक पीछे बैठ जाता है। सुबह व शाम के समय बच्चे खेत में मनोरंजन के साथ जुताई का काम करते हैं।

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