बेहद कठिन:जिउतिया पर महिलाओं ने निर्जला उपवास रख संतान के लंबी उम्र मांगी

मरकच्चो2 महीने पहले
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जीवित पुत्रिका व्रत हिंदू धर्म में महिलाओं के लिए बेहद कठिन व्रत माना जाता है। बुधवार को माताएं निर्जला व्रत रखी। बुधवार पूरे दिन निर्जला उपवास रख कर देर शाम जीतवाहन की पूजा की और पुत्र की लंबी आयु के लिए कामना की। यह व्रत हर साल आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। यह व्रत सप्तमी से लेकर नवमी तिथि तक चलता है। जितिया पर्व महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। व्रत को लेकर महिलाएं बुधवार को निर्जला व्रत रखी और 30 सितंबर को व्रत का पारण सूर्योदय के बाद ही किया जाएगा।

पर्व को लेकर बाजार में काफी चहल-पहल रही। बुधवार की शाम व्रती महिलाओं ने स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण कर भगवान जीतवाहन की पूजा की। इसके लिए कुशा से बनी जीतवाहन की प्रतिमा को धूप-दीप, चावल, पुष्प आदि अर्पित किया। व्रत में मिट्टी और गाय के गोबर से चील व सियारिन की मूर्ति बनाई जाती है। इनके माथे पर लाल सिंदूर का टीका लगाया जाता है। पूजा समाप्त होने के बाद जीवित्पुत्रिका व्रत की कथा सुनती है।

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