अंधविश्वास की लेप से जिंदा होने की आस:मयूरहंड में वज्रपात से मौत के बाद किसान के शव को एक घंटे तक गोबर में लपेटे रखा

मयूरहंड2 महीने पहले
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सोकी पंचायत के ढेबादौरी गांव में वज्रपात से गंदौरी मेहता के पुत्र तपेश्वर मेहता 50 वर्ष की मौत घटना स्थल पर हो गई। मृतक शुक्रवार देर शाम खेत से धनरोपनी कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान ठनका गिरा और मौत हो गई। परिजनों ने मृतक मूर्छित देख देहाती तरीका से जीवित करने का प्रयास किया। जीवित करने के लिए खाट पर सुलाकर सिर से लेकर पैर तक गोबर से एक घंटे तक लपेट दिया। काफी प्रयास के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होने पर ग्रामीणों ने इसकी सूचना स्थानीय थाना को दी।

पुलिस शव को अपने कब्जा में लिया। चिकित्सक समेत एंबुलेंस बुलवाया। ग्रामीणों को समझाने के बाद मृतक के शरीर को गोबर से मुक्त करवाकर पोस्टमार्टम के लिए चतरा भेजा।पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा जहां पैतृक गांव के श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। मयूरहंड में एक सप्ताह में वज्रपात से मौत की ये दूसरी घटना है।

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