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बचेगा जंगल:घरों में अवैध इमारती लकड़ी का उपयोग करने वालों पर की जाएगी कार्रवाई

मेदिनीनगर7 दिन पहलेलेखक: सच्चिदानंद
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  • मेदिनीनगर वन प्रमंडल के डीएफओ ने किया उड़नदस्ता टीम का गठन, वनपाल करेंगे नेतृत्व, वन संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा

पलामू जिले में अवैध रूप से इमारती लकड़ी का उपयोग करने वालों की अब खैर नहीं है। वन विभाग ने अवैध रूप से इमारती लकड़ी का उपयोग करने वालों पर कार्रवाई करने के लिए उड़नदस्ता टीम का गठन किया है। टीम शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण इलाकों में हर निर्मित मकान पर जाकर उनके लकड़ी एवं उस से निर्मित सामान के स्रोत की जांच करेगी।

उचित दस्तावेज न मिलने पर उसे जब्त कर मकान मालिक पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी । साथ ही, अवैध रूप से लकड़ी की आपूर्ति करने वालों पर भी कार्रवाई होगी। अवैध रूप से इमारती लकड़ी के उपयोग पर रोक लगाने और इसके व्यवसाय में शामिल लोगों पर कार्रवाई के लिए नौ सदस्यीय उड़नदस्ता टीम का गठन किया गया है। इसमें वनपाल बसंत तिवारी को प्रभारी बनाया गया है। जबकि वनरक्षी पंकज कुमार, रंजीत कुमार, दिव्या भारती, मुन्ना चौधरी, राजीव रंजन कुमार, मिथिलेश कुमार, राकेश रौशन व कुमार गौरव को सदस्य बनाया गया है।

इमारती लकड़ी की तस्करी पर रोक लगाने की मांग

पलामू वनोपज लघु उद्योग संघ ने बीते दिनों मेदिनीनगर वन प्रमंडल के वन प्रमंडल पदाधिकारी अमरनाथ प्रसाद सिंह से नगर निगम क्षेत्र में इमारती लकड़ी के तस्करी पर रोक लगाने की मांग की थी। अध्यक्ष ज्ञानचंद पांडे के नेतृत्व में सदस्यों ने वन प्रमंडल पदाधिकारी से मुलाकात कर अवगत कराया था कि नगर निगम क्षेत्र में इमारती लकड़ी के तस्करी धड़ल्ले से जारी है। जहां भी कोई घर नया बनता है, तस्कर व्यक्तिगत तौर पर मकान मालिक से मिलकर और उन्हें बहुत कम कीमत पर चोरी की लकड़ी उपलब्ध करा देते हैं। जिसके चलते जंगलों में नाजायज कटाई हो रही है। राजस्व का भी नुकसान हो रहा है और पर्यावरण पर प्रतिकूल असर पड़ता है। इससे संघ के सदस्यों को भी आर्थिक रूप से क्षति उठानी पड़ती है। इस पर वन प्रमंडल पदाधिकारी ने यथोचित्त कार्रवाई का आश्वासन दिया था।

वन पदाधिकारी बोले

कानून के तहत दोषियों पर होगी कार्रवाई
मेदिनीनगर वन प्रमंडल के वन प्रमंडल पदाधिकारी अमरनाथ प्रसाद सिंह ने कहा कि वन विभाग ने अवैध रूप से इमारती लकड़ी का परिचालन और उपयोग पर रोक लगाने के लिए उड़नदस्ता टीम का गठन किया है। जो नवनिर्मित मकानों, निमार्णाधीन मकानों में उपयोग किए गए लकड़ी की जांच करेगी। लकड़ी के वैध कागजात नहीं दिखाने वालों पर टीम वन अधिनियम के तहत दोषियों पर कार्रवाई करेगी।

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