कार्रवाई की मांग:मगध के इतिहास को विकृत करने का प्रयास गलत : त्रिपाठी

मेदिनीनगर10 दिन पहले
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भाजपा के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ से जुड़े लेखक दया प्रकाश सिन्हा के सम्राट अशोक की तुलना औरंगजेब से किए जाने पर झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह मगध फाउंडेशन के अध्यक्ष केएन त्रिपाठी ने भारत सरकार से अविलंब कार्रवाई की मांग की है। त्रिपाठी ने कहा कि दया प्रकाश सिन्हा को प्रदत्त साहित्य अकादमी पुरस्कार व पद्मश्री सम्मान वापस लिया जाए।

त्रिपाठी ने कहा कि सम्राट अशोक की तुलना औरंगजेब से करना मगध के स्वर्णिम इतिहास को विकृत करने का प्रयास है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मगध का गौरवमयी अतीत रहा है। सम्राट अशोक के शासनकाल को भारतीय इतिहास का सबसे स्वर्णिम काल माना जाता है। सम्राट अशोक का राज्य चिह्न चारमुखी शेर भारत का राष्ट्रीय प्रतीक है।

भारतीय सेना का सबसे बड़ा सम्मान अशोक चक्र भी उनके नाम पर दिया जाता है। ऐसे महान शासक की तुलना औरंगजेब से किया जाना अक्षम्य अपराध है। भाजपा दया प्रकाश सिन्हा को अपनी पार्टी से बर्खास्त करे और सरकार उनसे सम्मान वापस ले।

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