सामूहिक रूप:भाई-बहन के प्यार का प्रतीक भैया दूज मना, सलामती के लिए मांगी गई दुआ

मेदिनीनगर24 दिन पहले
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भाई-बहन के प्यार का प्रतीक भैया दूज का पर्व शनिवार को उत्साह के साथ मनाया गया। कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाए जाने वाले पर्व भैयादूज ‘गोधन’ के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन बहन अपने भाइयों को ‘शाप’ (श्राप) देकर उनकी मंगलकामना करती हैं। मान्यता है कि इस शाप से भाइयों को मृत्यु का डर नहीं होता।

गोधन के मौके पर बहन द्वारा भाइयों को जी भर कर कोसा जाता है और गालियां दी जाती है, यहां तक की भाइयों की मृत्यु हो जाने का भी शाप दिया जाता है। इस क्रम में ‘रेंगनी’ (एक प्रकार का पौधा) के कांटों को बहनें अपनी जीभ में चुभाती हैं। इस क्रिया को ‘शापना’ कहा जाता है। इस पर्व में कई महिलाएं एक ही स्थान पर एकत्रित होकर गोधन कूटती हैं। गोधन पर्व करने वाली सभी उम्र की महिलाएं होती हैं।

इस दिन मोहल्ले में एक घर के बाहर महिलाओं द्वारा सामूहिक रूप से गोबर से चौकोर आकृति बनाई जाती है, जिसमें यम और यमी की गोबर की ही प्रतिमा बनाई जाती है। इसके अलावा सांप, बिच्छु आदि की आकृतियां भी बनाई जाती हैं। प्रारंभ में वहां एकत्र हुई मोहल्ले की महिलाएं इसकी पूजा करती हैं और फिर इन्हें डंडे से कूटा जाता है।

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