पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

शुरू नहीं हो पाया परिचालन:सब कुछ अनलॉक, पर अप्रूवल के 10 दिन बाद भी नहीं चली ट्रेन

मेदिनीनगर12 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

लॉकडाउन में करीब डेढ़ साल तक बेतरह जिंदगी बसर करने के बाद जब कुछ पैसेंजर ट्रेनों को चलाये जाने की घोषणा की गई तो, लोगों को ऐसा लगा कि अब सचमुच उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में तब्दीली आएगी। मोटर वाहनों के महंगे सवारी से उन्हें निजात मिलेगा। लेकिन ट्रेनों के चलाये जाने की घोषणा के करीब 10 दिन बाद भी अब तक इनका परिचालन शुरू नहीं हो पाया है। जिससे अब भी लोगों को किराया के रूप में 10-20 रुपये की जगह 100-50 रुपये खर्चने पड़ रहे हैं।

लोगों का कहना है कि ट्रेन में जहां डाल्टनगंज से जपला का किराया मात्र 20 रुपया है, वहीं बस या अन्य गाड़ियों से जपला जाने में उन्हें 150-200 रुपये किराया देना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर और कोरोना में बेकार हुए लोगों के लिए यह स्थिति काफी कष्टकर है। अब सबकुछ अनलॉक हो जाने के बाद यह स्थिति लोगों के लिए असहनीय होती जा रही है।

13 जुलाई को रेलवे ने जारी किया था अप्रूवल लेटर
उल्लेखनीय है कि 13 जुलाई को रेलवे बोर्ड द्वारा तीन पैसेंजर ट्रेनों को चलाये जाने की स्वीकृति दी गयी थी। रेलवे बोर्ड ने जिन तीन पैसेंजर ट्रेनों को चलाये जाने की स्वीकृति दी है उनमें उनमें शटल (53349-50), जीडीआर (5311 -12) तथा गोमो (53343-44) पैसेंजर ट्रेन शामिल है। लेकिन इन गाड़ियों के परिचालन की स्वीकृति मिलने के बाद भी जोन मुख्यालय द्वारा अब तक इन ट्रेनों के परिचालन के लिए टाइम -टेबल जारी नहीं किया जा सका है।

16 महीनों से कैद की जिंदगी जी रहे लोग
मुख्य रूप से रेल पर निर्भर इस क्षेत्र के लोगों ने पिछले 16 महीनों तक जैसे-तैसे अपना जीवन व्यतीत किया है। सच कहें तो इतने दिनों से लोग जैसे कैद की जीवन जी रहे हैं। क्योंकि इस मार्ग पर पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन 2020 मार्च से ही बन्द है। जबकि इस मार्ग के लोगों के लिए ये सभी पैसेंजर ट्रेनें लाइफ लाइन हैं। इन ट्रेनों से ही उनका जीवन, रोजगार, पढ़ना-लिखना सबकुछ जुड़ा हुआ है।

खबरें और भी हैं...