तीन दिवसीय सेमिनार:मानव के विकास में ईष्ट और आदर्श होना जरूरी : आचार्य सिद्धार्थानंद

मेदिनीनगर9 महीने पहले
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  • आनंद मार्ग प्रचारक संघ का तीन दिवसीय सेमिनार संपन्न

आनंद मार्ग प्रचारक संघ के तत्वावधान में तीन दिवसीय सेमिनार सह योग साधना शिविर स्थानीय नई मोहल्ला स्थित आनंद मार्ग जागृति भवन में रविवार को संपन्न हो गया। तीन दिनों तक चले शिविर में शामिल साधकों ने पांचजन्य, सामूहिक साधना एवं ‘बाबा नाम केवलम’ का अखण्ड कीर्तन से माहौल गुंजायमान कर दिया।

सेमिनार में शामिल लोगों को आनंद मार्गदर्शन की व्यवहार शिक्षा दी गई। साधनों के गूढ़ रहस्य को बताया गया। प्रशिक्षुओं को जानकारी दी गई कि साधना करने से मन में सकारात्मक सोच का जन्म होता है और जीवन में हताशा और निराशा से बच कर अपने जीवन को आनंदमय बना सकते हैं।

प्रशिक्षक आचार्य सिद्धार्थानंद अवधूत ने बताया कि मानव को डरने की कोई जरूरत नहीं है, परम पुरुष हमारे साथ हैं। परम पुरुष के बाहर में और कोई दूसरी सत्ता नहीं है। प्रशिक्षक आचार्य सिद्धार्थानंद अवधूत ने कहा कि मानवता के कल्याण को संस्थापक गुरु जी ने अध्यात्मिक, सामाजिक, संस्कृति, आर्थिक व जीवन के समस्त पहलुओं से संबंधित पूर्ण दर्शन का मार्ग दिए हैं।

उन्होंने कहा कि मानव जीवन के समुचित विकास के लिये ईष्ट और आदर्श का होना अति आवश्यक है। ईष्ट के लिए श्रद्धा, निष्ठा और भक्ति तथा आदर्श हेतु हिम्मत व शक्ति चाहिए। उन्होंने तीन दिवसीय सेमिनार के पहले दिन सभ्यता के भविष्य, दूसरे दिन रथ और रथी और तीसरे दिन समाज का गति तत्व विषय पर विस्तार से चर्चा की।

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