जमकर हुई आतिशबाजी:समस्या... प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के क्षेत्रीय पदाधिकारी बोले-प्रदूषण जांच के लिए आरडीएस और क्वालिटी मॉनीटरिंग स्टेशन पलामू में नहीं

मेदिनीनगरएक महीने पहले
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आतिशबाजी करते लोग। - Dainik Bhaskar
आतिशबाजी करते लोग।

जिले में दीपों का त्योहार दीपावली गुरुवार को धूमधाम से मनाया गया। जिले के लोगों ने 10 करोड़ रुपये से ज्यादा का बारूद फूंका। शहर सहित आसपास के इलाकों में जमकर आतिशबाजी देर रात तक चलती रही।

जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए आदेश हवा में साबित हुए। प्रशासन द्वारा रात 10 बजे के बाद आतिशबाजी करने पर पाबंदी थी, उसके बावजूद शहर व आसपास के क्षेत्रों में रात लगभग एक बजे तक आतिशबाजी जारी रही।

अकेले नगर निगम में 5-6 करोड़ रुपये से अधिक का बारूद लोगों ने जलाया। पटाखाें से प्रदूषण कितना फैला, इसे मापने का काेई साधन पलामू में नहीं है।

झारखंड प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के क्षेत्रीय पदाधिकारी आरएन कश्यप ने कहा कि प्रदूषण जांच के लिए आरडीएस मशीन (मैन्युअली) या कंटीन्यूस एमविएंट एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग स्टेशन (इलेक्टॉनिक) की जरूरत होती है, जो मेदिनीनगर में नहीं है।

हर जिला मुख्यालय में मशीन कंटीन्यूस एमविएंट एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग स्टेशन (इलेक्टॉनिक) को लगाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। जहां से स्वीकृति होने व आवंटन उपलब्ध होने पर लगाया जाएगा।
नियम की अनदेखी...शहर सहित आसपास के इलाकों में 10 बजे के बाद भी आतिशबाजी

दूसरी और दीपावली पर दिनभर बाजारों में चहल-पहल रही। लोगों ने अपने दोस्तों व रिश्तेदारों को मिठाइयां बांटकर दीवाली की बधाई दी। दीपावली पर्व को लेकर लोगों में खासा उत्साह था।

लोगों ने देर रात तक खरीददारी की। इस दौरान पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। प्रशासन द्वारा शहर में दो जगहों पर पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध था। लोगों ने अपने घरों व दुकानों के बाहर दीप जलाकर दीपावली का त्योहार मनाया।

वहीं, शिवाजी मैदान में लगे बम-पटाखा दुकानों में गुरुवार देर शाम तक लोग बम-पटाखा खरीदते रहे। घर, दुकान और प्रतिष्ठानों में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश विराजमान हुए। घरों और मंदिरों को खूबसूरत लाइटों से सजाया गया था।

स्वास्थ्य विभाग रहा बेपरवाह, मिठाई दुकानाें में नियम का पालन नहीं
दीपावली को लेकर शहर में मिठाइयों की सभी दुकानें सजी रही। भारी तादाद में लोगों ने मिठाइयों की खरीददारी की, परंतु बहुत सी दुकानों पर साफ-सफाई दिखाई दी, वहीं कई दुकानों पर स्वच्छता पर सवाल भी उठाए जा रहे थे।

इनमें मिठाइयों को बाहर ही खुले में रखा हुआ था, जिसमें धूल-मिट्टी के साथ साथ मक्खियां आदि भी झूमती नजर आई और दुकानदारों द्वारा चांदी कूटने के अलावा ग्राहक के स्वास्थ्य से कोई लेना देना नहीं था।

लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। कोई भी डॉक्टर या अन्य अधिकारी जांच करने नहीं पहुंचे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्वास्थ्य विभाग लोगों के स्वास्थ्य के प्रति सजग नहीं है।

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