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ठेंगे पर कानून:राज्य में 4 साल से अनिवार्य है विवाह का रजिस्ट्रेशन, पलामू के दंपती नहीं लेते रुचि

मेदिनीनगर12 दिन पहलेलेखक: सच्चिदानंद
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  • पंचायत सचिवों और आम जनता की सुस्ती से पलामू में फेल है झारखंड अनिवार्य विवाह निबंधन कानून, नहीं कराने पर रोज 5 रुपए फाइन का है प्रावधान

झारखंड अनिवार्य विवाह निबंधन अधिनियम 2017 के तहत किसी भी जाति-धर्म के लोगों को शादी के बाद उसका निबंधन कराना अनिवार्य है। निबंधन नहीं कराने की सूरत में प्रतिदिन पांच रुपए और अधिकतम 100 रुपए तक दंड शुल्क देने का प्रावधान अधिनियम में किया गया है, बावजूद इसका अनुपालन नहीं होता है। हाल यह है अधिनियम के प्रभावी होने के बाद से निबंधन का कार्य गति नहीं पकड़ सका है।

पंचायत सचिव को विवाह निबंधक बनाया गया है। उपायुक्त के निर्देश पर सभी को निबंधन का प्रशिक्षण दिया गया है, बावजूद इसके उनके द्वारा विवाह निबंधन नहीं किया जाता हैं। इस कारण जिला अवर निबंधक कार्यालय में कराना पड़ता है। इसके लिए उनको 825 रुपए खर्च करने के साथ परेशानी भी होती है। विवाह के रजिस्ट्रेशन के लिए वर की आयु न्यूनतम 21 एवं वधु की 18 वर्ष अनिवार्य है।

विवाह निबंधन प्रमाण पत्र के लिए 50 रुपए है शुल्क

अनिवार्य विवाह निबंधन अधिनयम के तहत निबंधन शुल्क के रूप में 50 रुपए एवं विवाह निबंधन प्रमाण पत्र के लिए 50 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है। अगर कोई व्यक्ति किसी के विवाह पर आपत्ति करता है तो इसके लिए भी 50 रुपए के शुल्क के साथ आवेदन देने का प्रावधान अधिनियम में है। इसका मकसद बाल विवाह, बहु विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को दूर करना है।

आवेदन के 15 दिन बाद मिलता है विवाह निबंधन प्रमाण पत्र

प्रावधान के तहत आवेदन आने के 15 दिनों के बाद विवाह निबंधन प्रमाणपत्र दिया जाता है। 15 दिनों का अंतराल दावा आपत्ति के लिए रखा जाता है। शादी के बाद कभी भी आवेदन किया जा सकता है। पंचायत, जिला अवर निबंधन कार्यालय, अवर निबंधन कार्यालय में निबंधन किया जाता है।

पासपोर्ट-वीजा लेने में काम आता है रजिस्ट्रेशन

  • लड़का-लड़की का उम्र प्रमाण-पत्र
  • आवासीय प्रमाण-पत्र
  • वर- वधू की फोटो
  • दोनों पक्षों की ओर से तीन गवाहों के नाम या तीन परिचित होने चाहिए
  • निबंधन के आवेदन पर पति-पत्नी दोनों का हस्ताक्षर जरूरी है।
  • बीपीएल के लिए निबंधन शुल्क मुक्त।

विवाह निबंधन से लाभ

  • वीजा लेने में सहयोगी
  • पासपोर्ट के लिए निबंधन जरूरी
  • महानगरों में किराए पर मकान लेने में सहयोगी
  • पारंपरिक व धार्मिक विधि-विधान से विवाह को सामाजिक मान्यता तो है, लेकिन कानूनी मान्यता के लिए निबंधन आवश्यक है। ऐसे वादों को परिवार न्यायालय में पक्षकारों को अपना पक्ष रखने में सुविधा होती है।

50 रुपए‌- निबंधन शुल्क

50 रुपए‌- प्रमाण पत्र शुल्क

00 रुपए‌- बीपीएल के लिए

कहां-कहां होता है विवाह का निबंधन

शहरी क्षेत्रों में अनिवार्य विवाह निबंधन का काम नगर निगम, नगरपालिका, अधिसूचित क्षेत्र समिति, नगर परिषद, नगर पंचायतों में उसी पदाधिकारी द्वारा किया जाएगा,जो वर्तमान में जन्म एवं मृत्यु का निबंधन करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत सचिव को विवाह निबंधक बनाया गया है, जिनको ग्रामीण इलाकों में हुई विवाह का निबंधन करना है लेकिन उनके द्वारा निबंधन नहीं किया जाता है।

जानकारी न होने से लोग नहीं उठा पाते लाभ

उपायुक्त शशि रंजन ने कहा कि झारखंड अनिवार्य विवाह निबंधन अधिनियम 2017 के तहत पंचायत सेवक को ग्रामीण इलाकों में हुए विवाह का निबंधन करना है। जानकारी नहीं होने से लोग इसका लाभ नहीं उठा पाते है। प्रचार-प्रसार कराया जाएगा।

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