कार्यक्रम आयोजित:विहिप और बजरंग दल ने धूमधाम से मनाया शौर्य दिवस निकला पद संचलन, हिंदुत्व को मजबूत बनाने का लिया संकल्प

मेदिनीनगरएक महीने पहले
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शौर्य संचलन में शामिल लोग। - Dainik Bhaskar
शौर्य संचलन में शामिल लोग।

विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मंगलवार को शौर्य दिवस मनाया। इस अवसर पर मुख्य कार्यक्रम संस्कृत महाविद्यालय परिसर, साहित्य समाज में आयोजित किया गया। इसमें बतौर मुख्य अतिथि बजरंग दल के प्रदेश प्रशिक्षण प्रमुख रंगनाथ महतो मौजूद थे। उन्होंने कहा कि दुनिया में किसी धर्म, संप्रदाय की जयंती नहीं मनायी जाती है। अन्य धर्म ग्रंथ किसी ना किसी व्यक्ति के द्वारा लिखे गए हैं।

श्रीमद्भगवद्गीता का प्रार्दुभाव भगवान श्री कृष्ण के मुखविंद से हुआ है। आज के दिन कुरुक्षेत्र के रण में भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का गायन किया था। उस समय अर्जुन के मन में जो शंकाएं थीं, उसे दूर करते हुए न्याय की जीत के लिए युद्ध को लेकर प्रेरित किया था और आज के ही दिन शौर्य का प्रदर्शन किया गया था। इसलिए गीता जयंती पर शौर्य दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर 1992 को बाबरी ढांचा गिराया गया था। उस दिन गीता जयंती का पर्व था। गीता जयंती प्रतिवर्ष 6 दिसंबर को ही मनाई जाती है।

इस वर्ष गीता जयंती 14 दिसंबर को है। इस कारण इस बार गीता जयंती पर 14 दिसंबर को शौर्य दिवस का आयोजन किया गया है। इसके माध्यम से अयोध्या में हो रहे भव्य मंदिर निर्माण के निमित्त किए गए सहयोग हेतु समाज के प्रति कृतज्ञता के साथ प्रसन्नता व्यक्त की जाएगी। कार्यक्रम का संचालन जिला मंत्री दामोदर मिश्रा ने किया। मौके पर छतरपुर विधायक पुष्पा देवी, पूर्व सांसद मनोज कुमार, डिप्टी मेयर मंगल सिंह, विहिप के विभाग प्रमुख शिव प्रसाद गुप्ता,विभाग संपर्क प्रमुख दिनेश द्विवेदी, विभाग मंत्री कुमार गौरव, जिलाध्यक्ष उमेश कुमार अग्रवाल, जिला समरसता प्रमुख पप्पू लाठ, जिला सह मंत्री अमित कुमार तिवारी, बजरंग दल के जिला संयोजक संदीप दास आदि की मौजूदगी रही। कार्यक्रम के उपरांत संस्कृत महाविद्यालय से पद संचलन प्रारंभ किया गया।

इस दौरान जयश्री राम व बजरंग बली के जयघोष से पूरा शहर भक्तिमय हो गया। पद संचलन अस्पताल चौक, सतारसेठ चौक, कन्नी राम चौक, आढ़त रोड, जैन मंदिर रोड, पंचमुहान, डाबर रोड होते हुए छहमुहान पहुंचा।

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