कोरोना का डर नहीं / वट वृक्ष की पूजा कर अखंड सौभाग्य की कामना की

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  • पुजारियों ने सुनाई सावित्री और सत्यवान की कथा, पूजा-अर्चना में व्रती महिलाएं भूल गईं सोशल डिस्टेंस

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 07:18 AM IST

मेदिनीनगर. जिलेभर में वट सावित्री पर्व श्रद्धा व उल्लास के साथ सुहागिन महिलाओं ने मनाया। शुक्रवार की सुबह 5 बजे से महिलाएं सोलह शृंगार कर वटवृक्ष की विधि-विधान से पूजा अर्चना की। व्रती महिलाओं ने वटवृक्ष के जड़ में जल अर्पित कर सूत के धागे के साथ वट वृक्ष की परिक्रमा की। वहीं कई महिलाओं ने अपने घरों में वटवृक्ष की पूजा अर्चना की। मौके पर व्रती महिलाओं ने ब्राह्मणों से सती सावित्री और सत्यवान की अमर प्रेम कथा सुनी।
सनातन धर्म में सुहागिन महिलाएं पति को परमेश्वर का दूसरा रूप मानती हैं। प्रत्येक स्त्री की कामना होती है कि वह सुहागिन ही रहे। इसी कामना के साथ वट सावित्री की पूजा-अर्चना करती हैं। ऐसी मान्यता है कि सती सावित्री ने पतिव्रत धर्म का पालन करते हुए यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस लाया था। तभी से यह पूजा सुहागिनों के लिए विशेष महत्व रखता है।

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