ठगी का मास्टर माइंड:नकली हथियार दिखाकर पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप से भी 1.5 करोड़ रु. ठगे

रांची6 दिन पहले
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नकली हथियारों के साथ निवेश कुमार - Dainik Bhaskar
नकली हथियारों के साथ निवेश कुमार
  • खिलौना वाले हथियार के साथ निवेश ने खिंचवाई थीं तस्वीरें, जिसके जरिए ठगता था

नाम निवेश कुमार उर्फ राजवीर उर्फ गांधी। ठगी का मास्टर माइंड। 2016 से नौकरी दिलाने के नाम पर उसने तीन करोड़ से अधिक की तो ठगी की ही। इसके बाद झारखंड पुलिस के लिए 25 लाख के इनामी पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप से भी 1.5 करोड़ की ठगी कर ली। रांची से छह जनवरी को फरार होने के बाद कई दिनों बाद पुलिस की गिरफ्त में आए निवेश कुमार ने जेल जाने से पूर्व पूरी सच्चाई रांची पुलिस को बताई, तो पुलिस भी भौंचक रह गई।

रांची पुलिस को शातिर निवेश के घर से उसकी एक मोबाइल मिली थी, जिसमें कई तस्वीरें थीं। उन तस्वीरों में निवेश कई अत्याधुनिक हथियार के साथ था। उसके मोबाइल में बम व रॉकेट लांचर की तस्वीरें भी मिलीं थीं। इसके बाद रांची पुलिस इस पूरे घटनाक्रम को इंटरनेशनल कनेक्शन, चाइना कनेक्शन व पाकिस्तान कनेक्शन से जोड़ कर अनुसंधान कर रही थी कि कही विदेश से तो ये हथियार नहीं मंगवा रहा है। लेकिन बक्सर से गिरफ्तार होने के बाद जब निवेश को लेकर पुलिस रांची पहुंची और उसके पूछताछ शुरू की, तो उसने जो जानकारी दी, उसे सुन पुलिस भी दंग रह गई।

पुलिसिया पूछताछ में खुलासा हुआ कि निवेश एक शातिर ठग र है। उसने दिल्ली व चंड़ीगढ़ जाने के दौरान कई खिलौने वाला नकली हथियार खरीदे थे, जिसे दूर से देखने पर अत्याधुनिक हथियार जैसे लगते थे। उन हथियारों के साथ उसने धुर्वा के सेंबाे स्थित सीआरपीएफ कैंप के पीछे जाकर तस्वीरें खिंचवाई थीं। फिर उसने हतियार के साथ वाली सारी तस्वीरें पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप को अपने गुर्गों के माध्यम से भेजा। बताया कि वह अत्याधुनिक हथियारों की सप्लाई कर सकता है। इन हथियारों की सप्लाई करने के नाम पर निवेश ने दिनेश गोप जैसे कुख्यात उग्रवादी से अबतक 1.5 करोड़ रुपए की ठगी की है। निवेश का कहना है कि जो पूरे राज्य में दहशत फैला लेवी वसूल रहा है, अगर उसे ठग लिया जाए तो क्या फर्क पड़ जाता है। धुर्वा पुलिस ने निवेश के घर से उन 8 खिलौने वाले नकली हथियारों को भी जब्त किया है, जिसके साथ मोबाइल में उसकी तस्वीर मिली थी।

एनआईए की टीम ने भी जब्त पैसों व हथियारों की ली रिपोर्ट
निवेश की गिरफ्तारी व उसके पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप से साथ संपर्क की बात सामने आने के बाद एनआईए रांची की टीम भी शुक्रवार को धुर्वा थाना पहुंची। एनआईए ने अबतक निवेश के पास से पुलिस ने क्या-क्या जब्त किया है, इसकी पूरी जानकारी ली। जब्त रुपए, हथियार व उसके किन -किन लोगो से संपर्क हैं, किसकी भी जानकारी ली। निवेश के साथ किन-किन लोगों की गिरफ्तारी हुई है, इसकी बारे में भी एनआईए की टीम ने पूरी जानकारी ली। उल्लेखनीय है कि एनआईए, रांची की टीम ने भी पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप पर पांच लाख रुपए की इनाम की भी घोषणा कर रखी है। झारखंड पुलिस ने उसपर 25 लाख रुपए का इनाम पहले से ही घोषित कर रखा है।

अय्याशी की वजह से लाइम लाइट में आया निवेश : निवेश ने ठगी से इतने पैसे कमा लिए थे कि उसकी अय्याशी लगातार बढ़ती गई। वह हर महीने दिल्ली व कोलकाता अय्याशी करने जाता था। पैसे उड़ाना उसका शौक है, इस कारण इस बार वह पुलिस की नजर में आ गया। नौकरी के नाम पर वह 2016 से 2021 के बीच करीब तीन करोड़ की ठगी कर चुका था। इन पैसों से उसने कई लग्जरी गाड़ियां खरीदीं। पहले एंडेवर खरीदा, फिर स्कॉर्पियो, जाइलो, बीएमडब्ल्यू, मॉडिफाइड थार और एमजी हेक्टर। इन गाड़ियों से ही घूम-घूम कर ही वह अपराधियों के बीच अपनी धाक बनाता रहा।

पत्नी पहुंची पति के कपड़े लेने थाने, खाली हाथ लौटी
निवेश की पत्नी चांदनी अब अकेली पड़ गई है। पति, देवर, ससुर तीनों जेल पहुंच गए हैं। शुक्रवार को चांदनी निवेश के साथ जेल गए ध्रुव के भाई के साथ धुर्वा थाना पहुंची थी। वह पुलिस द्वारा बक्सर में पकड़े गए एमजी हेक्टर में रखे उसके कपड़े लेने पहुंची थी। लेकिन पुलिस ने गाड़ी को जब्ती में दिखाया है, इसलिए उसे खाली हाथ ही लौटना पड़ा।

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