रांची में दिवाली अलर्ट:RIMS में 16 बेड का बर्न वार्ड तैयार, 3 सीनियर डॉक्टर, एक रेजिडेंट व 8 जूनियर डॉक्टर रहेंगे तैनात

रांची3 महीने पहले
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RIMS क्रिटिकल केयर के इंचार्ज डॉ प्रदीप भट्टाचार्य ने बताया कि कोरोना काल में पिछले साल दिवाली के बाद वैसे मरीजों को फिर से भर्ती होकर इलाज कराना पड़ा था, जिनका फेफड़ा संक्रमित हुआ था। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
RIMS क्रिटिकल केयर के इंचार्ज डॉ प्रदीप भट्टाचार्य ने बताया कि कोरोना काल में पिछले साल दिवाली के बाद वैसे मरीजों को फिर से भर्ती होकर इलाज कराना पड़ा था, जिनका फेफड़ा संक्रमित हुआ था। (फाइल फोटो)

दिवाली के मद्देनजर RIMS के बर्न वार्ड में विशेष तैयारी की गई है बर्न वार्ड के डॉ मृत्युंजय सारावगी ने बताया कि किसी भी इमरजेंसी से निबटने के लिए 16 बेड का वार्ड तैयार रखा गया है। बर्न केस के उपचार के लिए 8 जूनियर रेजिडेंट, एक रेजिडेंट के अलावा तीन सीनियर कंसल्टेंट ऑन कॉल मौजूद रहेंगे।

RIMS क्रिटिकल केयर के इंचार्ज डॉ प्रदीप भट्टाचार्य ने बताया कि कोरोना काल में पिछले साल दिवाली के बाद वैसे मरीजों को फिर से भर्ती होकर इलाज कराना पड़ा था, जिनका फेफड़ा संक्रमित हुआ था। ऐसे मरीजों में धुएं के कारण फेफड़े का संक्रमण फिर से एग्रेसिव हो गया था। उन्होंने बुजुर्गों और पहले संक्रमित हो चुके लोगों को पटाखों से निकले धुएं से बचकर रहने की सलाह दी है।

डॉ ब्रजेश मिश्र ने कहा कि अस्थमा मरीजों को अगले 48 घंटे धुएं से बचना चाहिए। दिवाली बाद पॉल्यूशन का स्तर बढ़ जाता है, ऐसे में अस्थमा मरीजों की हॉस्पिटलाइजेशन की दर बढ़ जाती है।

दिवाली में बुजुर्गों और बच्चों का रखें विशेष ख्याल

  • तेज आवाज पटाखों से बुजुर्ग, बीपी और दिल के मरीजों को नींद नहीं आ सकती है। बीपी भी बढ़ सकता है, घर में पटाखे न फोड़ें।
  • घर के आसपास अधिक धुएं वाले पटाखे फोड़े जा रहे, तो बुजुर्ग को बाहर न निकलने दें।
  • धुएं और अधिक आवाज वाले पटाखों से बच्चों को दूर रखें। खुली जगह पर पटाखे फोड़े।
  • बच्चों को अकेले में आतिशबाजी न करने दें। पटाखे जलाने से पहले बच्चों को पूरी तरह शरीर ढंकने वाला सूती कपड़ा पहनाएं।
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