आखिर यह कैसी व्यवस्था:एंटीजन टेस्ट केे 17 पॉजिटिव फिर भागे, एसडीएम का आग्रह ठुकरा निकल गए यात्री

रांची7 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
रांची स्टेशन पर कुछ यात्रियों ने जांच कराई, लेकिन रिपोर्ट का इंतजार किए बगैर चलते बने। - Dainik Bhaskar
रांची स्टेशन पर कुछ यात्रियों ने जांच कराई, लेकिन रिपोर्ट का इंतजार किए बगैर चलते बने।
  • आखिर यह कैसी व्यवस्था...स्टेशन के बाहर एंबुलेंस थी पर मजिस्ट्रेट व इंसिडेंट कमांडर गायब

कोविड टेस्ट को लेकर डीसी के सख्त निर्देश की उनके ही मजिस्ट्रेट और इंसिडेंट कमांडरों ने पहले ही दिन धज्जियां उड़ा दीं। उपायुक्त ने सोमवार को निर्देश दिया था कि कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद कोई भी यात्री घर न जा पाए, स्टेशन से ही सीधे उन्हें अस्पताल ले जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करेें। प्रशासन ने स्टेशन के बाहर एंबुलेंस की व्यवस्था रखी थी, लेकिन सैंपल देने के बाद सभी यात्री एसडीएम के सामने ही अनसुना कर निकलते गए।

पुलिस बल की तैनाती के बावजूद कई संक्रमित यात्री बैरिकेडिंग ताेड़कर निकल गए, ताे कई मुंह छुपाकर चलते बने। प्रशासन के अधिकारी रिपोर्ट आने पर जबतक उन्हें ढूंढ़ते, सभी घर पहुंच चुके थे। दरअसल, दोपहर 1.45 बजे रांची स्टेशन पर हावड़ा-हटिया और 1.55 बजे जनशताब्दी एक्सप्रेस पहुंची। स्टेशन के अंदर और बाहर 24 टीमें जांच के लिए तैनात थी। पुलिस भी तैनात थी, लेकिन दोनों ट्रेनों के ज्यादातर यात्री उतरते ही एग्जिट गेट से निकल गए। जिन यात्रियों को प्रशासन ने टेंट में घेरा, वे भी पीछे से बैरिकेडिंग फांद कर भाग निकले। डीसी की चेतावनी के बाद भी मंगलवार को हटिया स्टेशन से 17 संक्रमित घर चले गए। संक्रमितों को अस्पताल ले जाने के लिए स्टेशन पर एंबुलेंस तो थी, लेकिन वहां न मजिस्ट्रेट थे और न इंसिडेंट कमांडर।

एसडीएम बोले- यात्री सहयोग नहीं कर रहे, अब भारी संख्या में पुलिस बल तैनात करेंगे

दोपहर दो बजे एसडीएम दीपक दुबे रांची रेलवे स्टेशन पहुंचे। खुद फुट ओवरब्रिज के नीचे बैरिकेडिंग के पास मेन गेट पर खड़े होकर यात्रियाें से कोविड जांच कराने की अपील की। वे यात्रियाें काे राेकते रहे, लेकिन यात्री अनसुना कर बिना जांच कराए ही स्टेशन से निकलते रहे। हताश एसडीएम दीपक दुबे कहने लगे- यात्री सहयोग करने काे तैयार ही नहीं। जल्द ही भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किए जाएंगे।

हेल्थवर्कर्स की सुनिए- मजिस्ट्रेट ताे हैं, लेकिन काैन हैं, कहां हैं, उन्हें पता नहीं
डीसी के आदेश के बाद जब दैनिक भास्कर ने जब स्थिति का जायजा लिया तो लापरवाही की एक अलग तस्वीर निकल कर सामने आई। रांची स्टेशन पर कुछ यात्री जांच तो करा रहे थे, लेकिन बड़ी संख्या में यात्री बिना जांच कराए निकल जा रहे थे। हटिया स्टेशन पर दो शिक्षकों को मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किया गया है। हेल्थ वर्कर्स कहते हैं- वे कब आते हैं, कब जाते हैं, पता ही नहीं चलता। इंसिडेंट कमांडर कौन हैं, उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं। 1200 की भीड़ को संभालने के लिए यहां सिर्फ 4 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

24 अक्टूबर को हटिया पहुंचे 36 रैट पाॅजिटिव की रिपोर्ट आरटी-पीसीआर में फिर निगेटिव

24 अक्टूबर को हटिया रेलवे स्टेशन पर रैपिड एंटीजन टेस्ट (रैट) में कोविड पॉजिटिव पाए गए सभी 36 यात्रियों का आरटी-पीसीआर रिजल्ट नेगेटिव आया है। सिविल सर्जन डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि 24 अक्टूबर को हटिया रेलवे स्टेशन पर जिन यात्रियों का रैपिड एंटीजन टेस्ट रिजल्ट पॉजिटिव मिला था, उनका सैंपल आरटी-पीसीआर टेस्ट के लिए सैंपल भी उसी समय लिया गया था। जिला प्रशासन ने मामले से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध निदेशक को अवगत कराते हुए अग्रेतर कार्रवाई का अनुरोध किया है।

खबरें और भी हैं...