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कोरोना इफेक्ट:स्मार्ट फोन नहीं रहने और आर्थिक तंगी से 1.90 लाख बच्चों की पढ़ाई छूटी

रांची18 दिन पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • सरकारी स्कूलों के 40 लाख बच्चों की पढ़ाई पर विभाग का सर्वेक्षण

कोरोना ने बच्चों की पढ़ाई पर सबसे बुरा असर डाला है। ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति तो और भी खराब है। 14 महीने से सरकारी स्कूल बंद पड़े हैं। स्थिति यह है कि स्मार्ट फोन नहीं रहने और आर्थिक तंगी के कारण सरकारी स्कूलों के पहली से आठवीं तक के लगभग 35 लाख बच्चों में से 1.90 लाख बच्चे पढ़ाई से दूर हो चुके हैं। यानी पढ़ाई-लिखाई से उनका नाता नहीं रह गया है। ये बच्चे न तो ऑनलाइन क्लास कर रहे हैं और न ही घर पर पढ़ाई ही कर रहे। यह खुलासा झारखंड शिक्षा परियोजना (जेईपीसी) के सर्वेक्षण में हुआ है।

दिसंबर से फरवरी तक सरकारी स्कूलों के पोषक क्षेत्रों में शिक्षकों ने पहली से 8वीं कक्षा तक के बच्चों को लेकर यह सर्वे किया। इसमें पाया गया कि तीन महीने के दौरान 1.90 लाख बच्चे स्कूल की सभी गतिविधियों से दूर हो चुके हैं। ये बच्चे जेईपीसी के ‘डीजी साथ’ कार्यक्रम से नहीं जुड़ पाए हैं। ये अपने स्कूल के शिक्षकाें से किसी भी माध्यम से शिक्षा नहीं ले रहे हैं। एडमिशन लेने के बाद भी महीनों से शिक्षकों के संपर्क में नहीं हैं। जेईपीसी के आंकड़े के मुताबिक, करीब 25% बच्चे ही इस समय डिजिटल लर्निंग मैटेरियल का लाभ ले पा रहे हैं। पिछले साल कोरोनाकाल में भी यह प्रतिशत कमोबेश इतना ही था।

7 प्रमुख वजहें... जिनसे नौनिहालों की पढ़ाई बंद हो गई

1. बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण स्कूल लगातार बंद, घर में पढ़ाई के प्रति गंभीरता नहीं। 2.ऑनलाइन पढ़ाई के लिए ज्यादातर ग्रामीण बच्चों के पास स्मार्ट फोन नहीं। 3.ऑफलाइन पढ़ाई भी नहीं हो रही, क्योंकि घर में पढ़ाने वाला कोई नहीं। 4.स्कूल के शिक्षकों द्वारा गांवों में जाकर बच्चों को पढ़ाने का मैकेनिज्म विकसित नहीं हो पाया। 5.आर्थिक स्थिति कमजोर होने से अभिभावकों ने पढ़ाई से ज्यादा काम को महत्व दिया और बच्चों से अपने साथ काम पर लगा दिया। 6.बच्चों को पढ़ाई न करता देख किसी ने उसे टोका नहीं, पढ़ने को प्रेरित नहीं किया। 7.देर से किताबें मिलने के कारण बच्चों की रुचि पढ़ाई के प्रति घटती चली गई।

आशंका... अब तक 4 लाख बच्चे पढ़ाई से दूर

सर्वे में शामिल कुछ शिक्षकों ने बताया कि यह फरवरी तक का आंकड़ा है। दूसरी लहर शुरू होने के बाद बढ़ते संक्रमण के बीच अब तक करीब दो लाख और बच्चों के पढ़ाई से दूर होने की आशंका है। यानी ग्रामीण क्षेत्रों के कुल 4 लाख बच्चे न ऑनलाइन क्लास कर रहे हैं और न ही घर पर ही पढ़ाई कर रहे हैं।

आगे क्या... सेतु कक्षाएं चलेंगी

पढ़ाई से दूर हुए 1.90 लाख बच्चों के लिए झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद एक अभियान चलाएगी। इसके तहत सेतु कक्षाएं संचालित की जाएंगी। ताकि इनकी छूट चुकी पढ़ाई पूरी हो सके। स्कूल खुलने के बाद इन बच्चों की पढ़ाई के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी

-शैलेश चौरसिया, राज्य परियोजना निदेशक, जेईपीसी

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