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धार्मिक आयोजनों पर कोरोना की मार:2019 में 3 कराेड़ खर्च, इस बार 13 पंडालों में 51 लाख रुपए से ही सजा मां का दरबार

रांचीएक महीने पहले
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  • कोरोना काल में सीमित संसाधन में पूजा... फिर भी दमक रहा है मां का आभामंडल
  • 2019 में बकरी बाजार और रांची रेलवे स्टेशन का कुल खर्च था 45-45 लाख

कोरोना काल में भी दुर्गोत्सव में भक्तों में पूरा उत्साह है। शहर के पूजा पंडालों में शनिवार को महाअष्टमी पर पूरी निष्ठा और परंपरा के साथ मां की आराधना हुई। सीमित संसाधन के बावजूद दुर्गोत्सव में मां का आभामंडल दमक रहा है। प्रशासन के निर्देशानुसार पूजा समितियों ने पंडाल की भव्यता में भले ही कमी की है, पर मां की आराधना हर वर्ष की तरह हो रही है। सत्य अमर लोक मारवाड़ी में इस वर्ष हर दिन अलग-अलग फूलों से पंडाल का शृंगार किया जा रहा है।

पिछले साल शहर की 13 प्रमुख पूजा समितियों ने मां दुर्गा की प्रतिमा, पंडाल, लाइट-साउंड और अनुष्ठान पर कुल 2 करोड़ 94 लाख खर्च किए थे। इस वर्ष इन प्रमुख पूजा समितियों ने प्रतिमाओं, पंडालों, लाइट-साउंड और अनुष्ठान पर कुल 48 लाख रुपए खर्च किए हैं। यानी पिछले वर्ष जितना एक पूजा पंडाल ने खर्च किए थे, उससे मात्र 3 लाख अधिक इस वर्ष दुर्गोत्सव में कुल 13 पूजा पंडालों ने खर्च किए हैं। प्रगति प्रतीक क्लब किशोरगंज ने 2019 में 12 लाख खर्च किए थे, इस बार 2 लाख में पूजा की।

प्रतिमाओं का विसर्जन तालाबाें में बनाए गए जलकुंड में होगा

दुर्गा पूजा समापन के बाद प्रतिमा के विसर्जन के लिए शहर के जलाशयों काे तैयार कर दिया गया है। जलाशयों काे प्रदूषणमुक्त रखने के लिए नगर निगम ने अधिकतर तालाबों में जलकुंड बनवाया है। पूजा समितियों से इसी जलकुंड में पूजन सामग्री और कृत्रिम आभूषण विसर्जन की अपील की है। घरों में पूजा करने वाले वैसे लोग जो तालाब में पूजन सामग्री का विसर्जन करते हैं, उनसे भी जलकुंड में ही सामग्री विसर्जित करने की अपील की गई है, ताकि पूरा तालाब प्रदूषित ना हो।

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