झारखंड में तीसरी लहर में पहली बार आठ माैतें:झारखंड में मिले 3825 मरीज, सबसे ज्यादा रांची में 1543, इसके बावजूद हो रही ऐसी जानलेवा लापरवाही

रांची14 दिन पहले
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  • मृतकों में रांची-जमशेदपुर के दो-दाे, बोकारो के तीन और एक सरायकेला का, ज्यादातर पहले से बीमार थे
  • चार दिनाें में 109 प्रतिशत बढ़ गए एक्टिव केस

झारखंड में काेराेना की रफ्तार लगातार बढ़ रही है। अब तक मिल रहे मरीजाें में काेई गंभीर लक्षण नहीं दिख रहे थे। लेकिन शुक्रवार काे काेविड की रिपाेर्ट ने डराना शुरू कर दिया है। करीब सात महीने बाद तीसरी लहर में शुक्रवार काे एक साथ आठ लाेगाें की माैत हुई। इनमें से तीन बाेकाराे, दाे रांची, दाे पूर्वी सिंहभूम और एक सरायकेला का रहने वाला था। रांची में जिन दाे लाेगाें की माैत हुई, उनकी उम्र 60 साल से ज्यादा थी।

इनमें से एक हार्ट जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित था और पहले से अस्पताल में भर्ती था। वहीं दूसरे की माैत के बाद रिपाेर्ट पाॅजिटिव आई। इसी तरह पूर्वी सिंहभूम में दाे महिलाओं की जान गई। 68 वर्षीय महिला किडनी की समस्या से पीड़ित थीं ताे दूसरी 63 वर्षीय महिला काे हृदय राेग था। माैत के अलावा संक्रमिताें की संख्या में भी बेतहाशा बढ़ाेतरी हुई। शुक्रवार काे काेराेना सभी जिलाें में पहुंच गया। 62872 सैंपल की जांच हुई, जिनमें से 3825 संक्रमित मिले। इनमें सबसे ज्यादा 1543 रांची के हैं।

राहत : पहली बार एक दिन में 866 मरीज ठीक हुए

शुक्रवार काे एक दिन में 866 लाेगाें ने काेराेना काे हराया। संक्रमिताें की तरह स्वस्थ हाेने वालाें में भी सबसे ज्यादा 246 लाेग रांची के हैं। वहीं पूर्वी सिंहभूम के 154, धनबाद के 131, पश्चिमी सिंहभूम के 77 हैं।

भास्कर एनालिसिस- तीन जिलों के 2500 सैंपल की रिपोर्ट का निष्कर्ष

  • दूसरी लहर में सीटी वैल्यू औसतन 15 थी, इस बार औसतन 21, इसलिए 5 दिन में ही ठीक हो रहे मरीज

झारखंड में एक्टिव केस भी लगातार बढ़ रहे हैं। लेकिन इस बार मरीज गंभीर नहीं हाे रहे। भास्कर ने राज्य के 3 बड़े जिलाें रांची, धनबाद और जमशेदपुर में विशेषज्ञाें संग पाॅजिटिव करीब 2500 मरीजाें के रिपाेर्ट का विश्लेषण किया ताे पता चला कि इस बार सीटी वैल्यू (साइकल थ्रेशहोल्ड वैल्यू) ज्यादा है। इसलिए मरीजाें में हल्के लक्षण ही दिख रहे हैं। दूसरी लहर में सीटी वैल्यू 15 से 16 तक पहुंच गई थी। इससे मरीजों की स्थिति बिगड़ रही थी। ठीक होने में 21 दिन लगते थे।पर इस बार सीटी वैल्यू औसतन 21 है। इसलिए वे 3 से 5 दिन में ही ठीक हो रहे हैं।

कितना सीटी वैल्यू खतरनाक

  • 15 से 19 सिवियर (अति गंभीर)
  • 20 से 31 मोडरेट (थोड़ा कम गंभीर)
  • 32 से 35 माइल्ड (हल्का गंभीर)
  • 35 से अधिक निगेटिव (बिल्कुल सामान्य)

तीन जिलाें में ये है औसत

  • जिला दूसरी लहर तीसरी लहर रांची 15-16 20-21 जमशेदपुर 12-14 18-22 धनबाद 16-20 24-26
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