‘टेस्टिंग, ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट’ का पालन:रांची एयरपोर्ट पर 5 यात्री मिले पॉजिटिव, पर अस्पताल में भर्ती होने की बजाय भाग गए

रांची10 महीने पहले
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  • ‘टेस्टिंग, ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट’ का पालन नहीं करने से बढ़ रहा तीसरी लहर का खतरा
  • आदेश सिर्फ कागजों पर, रांची में 100 एक्टिव केस, लेकिन अस्पताल में मात्र पांच

राज्य में कोरोना की तीसरी लहर को रोकने के लिए ‘टेस्टिंग, ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट’ का पालन नहीं करना बड़ी मुसीबत बन सकती है। राज्य में मिल रहे अधिकांश कोरोना पॉजिटिव मरीज बाहर के राज्यों से आ रहे हैं, यानि कि उनकी ट्रैवल हिस्ट्री है।

लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण कोरोना जांच में पॉजिटिव पाए जाने के बाद भी ये मरीज एयरपोर्ट जैसे स्थान से भाग जा रहे हैं। शनिवार को कोरोना पॉजिटिव पाए गए पांच यात्री अस्पताल जाने की बजाए भाग गए।

ऐसे में अब ये पांच मरीज कई लोगों को संक्रमित कर सकते हैं। रांची सिविल सर्जन डॉ. विनोद कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस-प्रशासन के सहयोग के बिना मरीजों को अस्पताल तक नहीं पहुंचाया जा सकता है।

क्या है मामला
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए बिरसा मुंडा एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन रांची और हटिया में बाहर से आने वाले यात्रियों का कोरोना टेस्ट किया जा रहा है। इसमें कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं।

पिछले एक सप्ताह में ही राजधानी में बाहर से आने वाले 100 से ज्यादा कोरोना संक्रमित यात्री मिल चुके हैं। रेलवे स्टेशनों और एयरपोर्ट पर कोरोना संक्रमित मिलते हैं, तो उन्हें सरकार के क्वॉरेंटाइन सेंटर में भर्ती होना है। लेकिन मरीज क्वॉरेंटाइन सेंटर जाने के बदले भाग जा रहे हैं।

सभी मरीजों को होना है अस्पताल में भर्ती, आदेश का पालन नहीं

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह की ओर से राज्य के सभी जिलों के डीसी और सिविल सर्जन को जारी आदेश में कहा गया है कि जिन रेल और हवाई यात्रियों में कोरोना संक्रमण मिलते हैं, उन्हें क्वॉरेंटाइन सेंटर या कोविड केयर सेंटर में भर्ती करना अनिवार्य है।

लेकिन, ऐसा हो नहीं रहा है। राजधानी रांची में 100 से अधिक कोरोना संक्रमण के एक्टिव केस हैं, जिसमें सिर्फ 5 मरीजों का इलाज कोविड सेंटर में चल रहा है।

संक्रमितों को आइसोलेट करने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की : सीएस

रांची के सिविल सर्जन डॉ. विनोद कुमार ने कहा कि कोरोना संक्रमितों की पहचान स्वास्थ्य विभाग कर लेगा, लेकिन संक्रमितों को आइसोलेट करना और अस्पताल पहुंचाने की जिम्मेवारी डॉक्टर की नहीं, बल्कि पुलिस और जिला प्रशासन की है।

आज अपर मुख्य सचिव करेंगे सभी डीसी के साथ समीक्षा
हाल के दिनों में मिले कोरोना पॉजिटिव मरीजों में अधिकतर दूसरे राज्यों से आये हुए लोग हैं। दूसरे राज्यों से आए कितने लोग पॉजिटिव पाए गए हैं और उनका कांटैक्ट ट्रेसिंग कितना हो सका है, इसकी समीक्षा 23 अगस्त को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव करेंगे। सभी उपायुक्तों के साथ इसकी समीक्षा होगी।

बैठक में दूसरे राज्यों से जिलों में आने वाले इंट्री प्वाइंट पर कोविड-19 सघन जांच से संबंधित अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी। साथ ही कांटैक्ट ट्रैसिंग, पॉजिटिव पाये जाने के उपरांत मरीजों के इलाज हेतु कोविड अस्पताल में भेजे जाने की जिलावार समीक्षा होगी।

रांची एयरपोर्ट, रांची व हटिया रेलवे स्टेशन पर रैपिड एंटीजेन टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद इलाज के लिए रांची जिले के कोविड फैसिलिटी में ही रखने की कार्रवाई की भी समीक्षा होगी।

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