पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

राज्य के अंदर का सफर भी महंगा:यात्री नहीं मिलने से 500 बस के पहिए थमे, रोजाना 2 करोड़ रुपए का नुकसान

रांची4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • बिहार के फैसले से बस का सफर महंगा, एक यात्री को दो सीट करानी पड़ेगी बुक
  • पलामू-सिमडेगा रूट में नाममात्र की चल रहीं

बिहार सरकार के फैसले से झारखंड में बस का सफर महंगा हो गया है। दरअसल, बिहार ने कोरोना की चेन तोड़ने के लिए 4 मई को लॉकडाउन लगाया है। इस दौरान पब्लिक ट्रांसपोर्ट को 50 फीसदी सीटिंग क्षमता के साथ चलाने की अनुमति दी है। बस संचालकों ने कहा है कि बिहार जाने के लिए एक यात्री को दो सीट बुक करानी होगी। यानी किसी व्यक्ति के परिवार के तीन सदस्य को पटना जाना है, तो उसे छह सीट बुक करानी होगी।

इसके अलावा बस में जब तक 30 सीट की बुकिंग नहीं होती है, तब तक बस नहीं खुलेगी। दूसरी ओर ट्रैवल एजेंसी बिहार और बंगाल के लिए किराए पर कार नहीं भेज रहे हैं। ट्रैवल एजेंसी संचालकों का कहना है कि बिहार में पास मांगा जा रहा है। बॉर्डर पर कोरोना निगेटिव रिपोर्ट भी मांगा जा रहा है। इस वजह से अधिकतर एजेंसी झारखंड के बाहर के राज्यों में वाहन नहीं भेज रहे हैं। राज्य के अंदर का सफर भी महंगा हो गया है।

रांची में 500 बस के पहिए थमे, रोजाना 2 करोड़ का नुकसान

रांची के खादगढ़ा और आईटीआई बस स्टैंड से रोजाना करीब 600 बसें खुलती थीं। 80 फीसदी बस के पहिए थम गए हैं। रांची बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कृष्णमोहन सिंह ने बताया कि झारखंड से दूसरे राज्यों में रोजाना करीब 300 बसें जाती है। जबकि सिर्फ रांची से राज्यभर में 400 बसे खुलती थीं। राज्य के अंदर भी 20 हजार यात्रियों का आवागमन होता था। ऐसे में रोजाना करीब 2 करोड़ का नुकसान बस संचालकों को हो रहा है।

विमान हाे या ट्रेन, आने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ी, पर जाने वालों में आई कमी, कई ट्रेनें और फ्लाइट कैंसिल

काेराेनाकाल में सबसे ज्यादा असर विमान और ट्रेन सेवा पर भी दिखने लगा है। दोनों साधनों में राज्य के बाहर से आने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ी है, लेकिन बाहर जाने वालों की संख्या में कमी हुई है। 10% से भी कम यात्रियों की कमी से रेलवे ने हाल के दिनाें में वीवीआईपी मानी जानेवाली ट्रेन शताब्दी एक्सप्रेस काे रद्द कर दिया है। यही हाल विमान सेवा में भी है। जहां 33 विमान प्रतिदिन उड़ान भर रहे थे, वहीं अब सिर्फ 18 विमान उड़ान भर रहे हैं।

आकंड़े से समझें... ट्रेन से कितने लोग बाहर से वापस लौट रहे

  • मुंबई से आने वाली एलटीटी-रांची ट्रेन- 132‌.46 %
  • रांची से मुंबई जानेवाली रांची-एलटीटी- 73. 69%
  • नई दिल्ली-रांची- 111.19%
  • रांची से नई दिल्ली स्पेशल ट्रेन- 54.97फीसदी
  • पुणे-हटिया आनेवाली- 121.51%
  • हटिया-पुणे जानेवाली- 21.45%
  • मालदा-सूरत ट्रेन- 64.24 %
  • सूरत-मालदा- 136.38%
  • दिल्ली-रांची राजधानी- 90.27%
  • रांची से दिल्ली राजधानी- 28.88 फीसदी
खबरें और भी हैं...