भास्कर ग्राउंड रिपोर्ट:सदर अस्पताल में 7 मॉड्यूलर ओटी, पर एक्सपर्ट नहीं दे रहा विभाग; सर्जरी के लिए लंबी वेटिंग

रांची3 महीने पहलेलेखक: अमन मिश्रा
  • कॉपी लिंक
एक्सपर्ट को ट्रेनिंग देने के बाद कंस्ट्रक्शन कंपनी को  हैंडओवर करना है। - Dainik Bhaskar
एक्सपर्ट को ट्रेनिंग देने के बाद कंस्ट्रक्शन कंपनी को हैंडओवर करना है।

रांची सदर अस्पताल में झारखंड-बिहार का एकलाैता सात माॅड्यूलर ऑपरेशन थियेटर (ओटी) वाला भवन बनकर तैयार है, लेकिन टेक्निकल और ऑपरेशनल टीम नहीं होने से यह शुरू नहीं हो पा रहा है। 500 बेड वाले आठ मंजिले इस नए भवन का निर्माण विजेता कंस्ट्रक्शन ने किया है, लेकिन एक्सपर्ट को ट्रेनिंग देने की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण इसे अस्पताल प्रबंधन को हैंडओवर नहीं कर पा रहा। बड़ी पेंच यह है कि कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से पत्र लिखे जाने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने अब तक मॉड्यूलर ओटी संचालित करने के लिए एक्सपर्ट नहीं दिए हैं।

महत्वपूर्ण बात यह है कि एक्टपर्ट टीम यदि मिल जाती है तो अत्याधुनिक ओटी को तुरंत शुरू नहीं किया जा सकता है। इसकी वजह यह है कि टेक्निकल एक्सपर्ट को उपकरणों की जानकारी, ट्रेनिंग आदि देने में एक माह से अधिक समय लग जाएगा। उसके बाद भी हैंडओवर किया जाएगा। दैनिक भास्कर ने शनिवार को नए भवन में सातवें तल्ले पर कतार में बने सातों ओटी समेत अन्य सुविधाओं का जायजा लिया।

अस्पताल के कर्मियों ने बताया कि नए भवन के ओटी में सभी काम सेंसर से होंगे। ओटी के मेन गेट खुलने से लेकर लाइट और खिड़की-दरवाजे के पर्दे तक स्वत: संचालित होंगे। दरवाजे के बाहर सेंसर लगाए गए है। इंक्यूपमेंट कंट्रोल के लिए सभी ऑटोमेटिक उपकरण भी लगभग तैयार हैं।

असर- अभी पांच विभागों के ऑपरेशन 1 ओटी में, एक मरीज काे 7 दिन का इंतजार
सदर अस्पताल में सर्जरी योग्य पांच से ज्यादा विभाग हैं, पर एक ओटी से किसी काम चल रहा है। सप्ताह में एक-एक दिन भी ओटी का बंटवारा करें तो एक विभाग के मरीज की सर्जरी का नंबर एक सप्ताह बाद आएगा। ऐसे में सर्जरी के लिए मरीजों को वेटिंग नंबर दिया जा रहा है। सर्जरी विभाग में 6 से ज्यादा मरीज ऑपरेशन की कतार में हैं तो पीडियाट्रिक सर्जरी, यूरोलॉजी, ऑर्थो, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में भी ऑपरेशन होना है। चिकित्सकों ने कहा कि नए भवन में सिर्फ ऑपरेशन थिएटर हैंडओवर कर दिए जाएं तो रोज औसतन 10 सर्जरी हो सकेगी।

मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन, सीएम भी दे चुके हैं हैंडओवर का आदेश

नए भवन काे हैंडओवर करने में विलंब करने का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। सीएम हेमंत सोरेन नए भवन को हैंडओवर करने का आदेश दिया। 99% काम पूरा कर 20 मई को विजेता कंस्ट्रक्शन ने झारखंड स्टेट बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिडेट को पत्र लिखकर हैंडओवर के लिए सदर अस्पताल से टेक्निकल व ऑपरेशन टीम मांगी, पर नहीं मिली।

नए भवन शुरू होने से ये सुविधाएं

रिम्स के बाद यह रांची का दूसरा बड़ा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल होगा। सदर में न्यूराे, कार्डियक, अंकाेलाॅजी, यूरोलॉजी और सीटीवीएस विभाग खुलेंगे। यहां सात मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर बनकर तैयार हैं। सेंट्रल स्टेरलाइज्ड सप्लाई डिपार्टमेंट (सीसीएसडी), लॉन्ड्री, मॉड्यूलर किचन, सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन सर्विसेज, सेंट्रलाइज्ड एयर कंडीशनिंग फैसिलिटी, फायर फाइटिंग सहित अन्य अत्याधुनिक सुविधाएं भी हैं।

डॉ. विनोद कुमार, सिविल सर्जन, रांची
डॉ. विनोद कुमार, सिविल सर्जन, रांची

"कंस्ट्रक्शन कंपनी ने एक्सपर्ट के रूप में इंजीनियर, डिप्लोमा और आईटीआई ट्रेंड की मांग की है। इसलिए, विभाग को पत्र लिखकर 80 एक्सपर्ट मांगे हैं। कंपनी ने सुझाव दिया है कि निविदा निकालकर एक ऑपरेशन टीम का चयन कर उसे ही संचालन का जिम्मा दे दिया जाए। यह जानकारी विभाग को दी है। मैनपावर मिलते ही भवन हैंडओवर होगा।"

डॉ. विनोद कुमार, सिविल सर्जन, रांची