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स्वास्थ्य मंत्री ने कहा:कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए 836 अल्ट्रासाउंड क्लिनिकों की होगी जांच

रांची8 दिन पहले
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स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के साथ बैठक करते मंत्री बन्ना गुप्ता। - Dainik Bhaskar
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के साथ बैठक करते मंत्री बन्ना गुप्ता।
  • जरूरत पड़ी तो पीसीपीएनडीटी एक्ट में नए प्रावधान भी जोड़े जाएंगे

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को पीसीपीएनडीटी एक्ट राज्य पर्यवेक्षण बोर्ड की बैठक हुई। स्वास्थ मंत्री ने कहा कि इस कानून को कड़ाई से पालन कराना जरूरी है, ताकि कन्या भ्रूण हत्या और दहेज जैसी कुप्रथा को खत्म किया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य के 836 अल्ट्रासाउंड क्लिनिकों की जांच करें और उनके सामने वैधानिक चेतावनी का बोर्ड लगाकर लोगों को कानून की जानकारी दें।

उन्होंने निर्देश दिया कि पीसीपीएनडीटी एक्ट से संबंधित जिले में उपायुक्त की अध्यक्षता में टीम गठित हुई है या नहीं, इसकी समीक्षा करें। साथ ही, राज्य स्तर से टीम भेजकर इसकी जांच कराएं। सभी जिलों के उपायुक्तों द्वारा टीम गठित कर अल्ट्रासाउंड क्लिनिकों की सघन जांच कराएं। मंत्री ने कहा कि राज्य में पीसीपीएनडीटी कानून का अध्ययन कर इस संदर्भ में यदि आवश्यक हो, तो विधानसभा में नए प्रस्ताव लाने पर विचार किया जाए।

2 माह में अल्ट्रासाउंड क्लिनिकों की जांच हाेगी
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने जिला स्तरीय पीसीपीएनडीटी टीम को अल्ट्रासाउंड क्लिनिकों की जांच का आदेश दिया है। कहा है कि कानून के विरुद्ध चल रहे केंद्रों पर कड़ी कार्रवाई करें। एनआरएचएम के अभियान निदेशक उमाशंकर सिंह ने कहा कि अगले दो महीनों में राज्य स्तर से टीम गठित कर राज्यभर के 836 अल्ट्रासाउंड क्लिनिकों की सघन जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

रामगढ़ विधायक ममता देवी ने जताई नाराजगी
विधायक ममता देवी ने कहा कि उनके क्षेत्र के लोगों द्वारा अवगत कराया गया है कि सदर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जाँच नहीं किया जा रहा है इस पर संबंधित लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। सुभाष मंच के पारसनाथ मिश्र द्वारा पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन के दुरूपयोग पर अंकुश लगाने की बात कही गई। किसी भी परिस्थिति में अल्ट्रासाउंड मशीन को पंजीकृत स्थान से दूसरे स्थान नहीं ले जाया जाना है।

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