पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

आरोप:पारस अस्पताल में एक माह से भर्ती मरीज की मौत के बाद, दिया 12 लाख का बिल

रांची23 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
परिजनों के बिल व अस्पताल से जारी बिल में अंतर - Dainik Bhaskar
परिजनों के बिल व अस्पताल से जारी बिल में अंतर
  • बिल नहीं देने पर शव रोका, डॉक्टर से भी मिलने नहीं दिया

पारस अस्पताल में एक माह से भर्ती रातू निवासी शंकर सिंह (38) की शनिवार सुबह 4 बजे मौत हो गई। अस्पताल से गए फोन पर परिजन जब पहुंचे, तब उनसे कहा गया कि बकाया पैसे जमा करने के बाद ही शव ले जा सकते हैं। परिजनों ने इसका विरोध किया, तब अस्पताल ने शव ले जाने दिया।

परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि एक महीने में उनसे इलाज के नाम 12 लाख रुपए लिए गए, इसके बावजूद मरीज की मौत हो गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब उनका मरीज पारस अस्पताल में भर्ती हुआ था, तब वह कोविड निगेटिव था। लेकिन, इलाज शुरू होते ही पॉजिटिव हो गया। उन्हें इलाज कर रहे डॉक्टर से मिलने तक नहीं दिया गया।

परिजनों के बिल व अस्पताल से जारी बिल में अंतर

परिजनों ने जो बिल उपलब्ध कराया है, उसमें एक ही बिल में टोटल एमाउंट 5.41 लाख रुपए का जिक्र है। इसमें 3.59 लाख परिजनों ने जमा कराए हैं, यह भी दिखाया गया है। वहीं, इस आरोप के बाद अस्पताल की ओर से बताया गया कि कुल 4.47 लाख का बिल था। जिसमें से एक लाख रुपए परिजनों ने नहीं दिया।

अस्पताल प्रबंधन ने आरोप को बताया बेबुनियाद

पारस अस्पताल प्रबंधन ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि मरीज का बिल सिर्फ 4.67 लाख रुपए है। 12 लाख रुपए देने का आरोप बेबुनियाद है। अस्पताल का लक्ष्य लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैय्या कराना है। अब तक एक हजार कोरोना संक्रमित मरीज उनके यहां स्वस्थ्य हो चुके हैं।

खबरें और भी हैं...