उच्च शिक्षा का प्रभार:हाई प्रोफाइल पॉलिटिक्स में फंसी चार विवि की वीसी और प्रोवीसी की नियुक्ति

रांची2 महीने पहले
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रांची यूनिवर्सिटी - Dainik Bhaskar
रांची यूनिवर्सिटी

रांची यूनिवर्सिटी समेत राज्य के चार विश्वविद्यालयों में कुलपति और प्रतिकुलपति की नियुक्ति के लिए राजभवन द्वारा चार माह पहले आवेदन आमंत्रित किया गया था। लेकिन, अभी तक नियुक्ति नहीं हो सकी है। वीसी-प्रोवीसी की नियुक्ति का मामला हाई प्रोफाइल पॉलिटिक्स में फंसकर रह गया है। वीसी और प्रोवीसी पद के प्रमुख दावेदारों में आरयू के एचआरडीसी के पूर्व डायरेक्टर डॉ. ज्योति कुमार, विनोबा भावे विवि के पूर्व वीसी सह बीआईटी मेसरा के प्रोफेसर डॉ. रविंद्र भगत, एसकेएमयू के पूर्व वीसी डॉ. मनोरंजन सिन्हा, बॉटनी की प्रो. के कांदिर शामिल हैं।

बताते चलें कि जिन विवि में वीसी-प्रोवीसी की नियुक्ति होनी है, उसमें कामचलाऊ व्यवस्था के तहत प्रभारी कुलपति रुटीन कार्य देख रहे हैं। यानि प्रभारी वीसी को झारखंड विश्वविद्यालय अधिनियम में निहित शक्तियां प्राप्त नहीं है। नीतिगत निर्णय नहीं लेने पर राजभवन द्वारा रोक लगी है। बहुत जरूरी होने की स्थिति में राजभवन से अनुमति लेकर कार्य संपादित किए जा रहे हैं। कुलपति पद के लिए आवेदन देने वाले अभ्यर्थी सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

चारों विवि के वीसी-प्रोवीसी के लिए राज्य से प्रबल दावेदार

  • आरयू के एचआरडीसी के पूर्व डायरेक्टर डॉ. ज्योति कुमार।
  • एसकेएमयू के पूर्व वीसी डॉ. मनोरंजन सिन्हा, बॉटनी की प्रो. के कांदिर हैं।

इन विवि में होनी हैं नियुक्तियां

राज्य के जिन विवि में कुलपतियों की नियुक्ति होनी है, जिसमें रांची विश्वविद्यालय, विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विवि, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि और जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी शामिल है। दो विश्वविद्यालयों सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय और विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय में प्रतिकुलपति के पद पर नियुक्ति होनी है।

स्क्रूटिनी... दाेनों पदों के लिए आए आवेदनों की हो चुकी है

वीसी-प्रोवीसी के लिए आए आवेदनों की स्क्रूटनी हो चुकी है। कुलपति और प्रतिकुलपति के पद पर नियुक्ति के लिए राज्यपाल द्वारा सर्च कमेटी का गठन किया गया था। सर्च कमेटी द्वारा पैनल तैयार किया जाता है। एक पद के लिए तीन-तीन अभ्यर्थियों का पैनल में नाम रहता है। इन्हीं पैनल में एक का चयन किया जाना है।

पहली बार जैक में इतने दिनों तक पद रिक्त रहा

जैक में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का पद दो माह से रिक्त है। इन दोनों अहम पदों पर नियुक्त करने में सरकार विफल रही है। राज्य गठन के बाद पहली बार इतने दिनों तक पद रिक्त रहा है। जैक ही मैट्रिक, इंटर, आठवीं, 9वीं, 11वीं और मेडिकल-इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए एंट्रेंस, छात्रवृत्ति परीक्षा, झारखंड पात्रता परीक्षा आयोजन करता है। इन सभी परीक्षाओं में लगभग 15 लाख स्टूडेंट्स शामिल होते हैं। अध्यक्ष का पद रिक्त रहने के चलते अभी तक मैट्रिक और इंटर की परीक्षा सामग्री प्रिंट नहीं हो सकी है। क्योंकि, वित्तीय शक्ति के बिना यह संभव नहीं है।

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