झारखंड में पारा शिक्षक स्थाई हाेंगे:तीन बार होगी आकलन परीक्षा, इनमें किसी परीक्षा में पास होना जरूरी, टेट पास को नहीं देनी होगी परीक्षा

रांची3 महीने पहले
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पत्रकारों को जानकारी देते शिक्षा मंत्री। - Dainik Bhaskar
पत्रकारों को जानकारी देते शिक्षा मंत्री।

झारखंड के 65 हजार पारा शिक्षक स्थाई हाेंगे। उन्हें बिहार की तर्ज पर वेतनमान दिया जाएगा। शिक्षा मंत्री जगरनाथ महताे की अध्यक्षता में शनिवार काे हुई उच्चस्तरीय बैठक में इसपर सहमति बनी। स्थाई शिक्षक बनने के लिए प्रशिक्षित पारा शिक्षकाें काे तीन अवसर दिए जाएंगे। शिक्षा विभाग इनके लिए तीन आकलन परीक्षाएं लेगा। राज्य के 11 हजार पारा शिक्षक टेट पास हैं। उन्हें परीक्षा नहीं देनी हाेगी। शेष 54 हजार शिक्षकाें काे परीक्षाएं देनी हाेंगी।

बैठक के बाद शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रशिक्षित पारा शिक्षकाें काे स्थाई शिक्षक बनाने पर विभाग सहमत है। इस बारे में 18 अगस्त काे घाेषणा की जाएगी। इसके पहले 11 और 12 अगस्त को शिक्षा अधिकारियों के साथ दो चरणों की बैठक होगी, जिसमें बिहार की नियमावली पर चर्चा होगी। उसे झारखंड में कैसे लागू किया जाए, इसका रास्ता खाेजा जाएगा।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि उनके आवास पर पारा शिक्षकों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक काफी सकारात्मक रही। कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी। बिहार में पारा शिक्षकों को दी जा रही सुविधाओं एवं मानदेय के अनुरूप ही झारखंड के पारा शिक्षकों को भी सुविधाएं दी जाएंगी। बुधवार को विधि विभाग और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ फिर इस विषय पर ठोस निर्णय लेने के लिए बैठक होगी।

उच्चस्तरीय बैठक में शिक्षा मंत्री के अलावा शिक्षा सचिव राजेश शर्मा, प्राथमिक शिक्षा निदेशक शैलेश कुमार चौरसिया, जेईपीसी के प्रशासी पदाधिकारी जयंत मिश्रा के अलावा पारा शिक्षकों की ओर से विनोद बिहारी महतो, संजय दुबे, ऋषिकेश पाठक, प्रमोद कुमार, सिंटू सिंह, विकास चौधरी, रविकांत तिवारी और भागवत तिवारी मौजूद थे।

सामान्य वर्ग को 45 और आरक्षित वर्ग को 40 अंक लाना अनिवार्य
स्थाई शिक्षक बनने के लिए सामान्य वर्ग के पारा टीचरों को आकलन परीक्षा में 100 अंक में कम से कम 45 और आरक्षित वर्ग को 40 अंक लाना अनिवार्य होगा। जिन्होंने इतने अंक प्राप्त कर लिए, वे स्थाई शिक्षक बनेंगे। इन्हें वेतनमान दिया जाएगा। पहली बार इतने अंक नहीं लाने वाले पारा टीचर दो बार और आकलन परीक्षा दे सकेंगे। तीन अवसरों के बाद भी सफल नहीं हुए ताे भी उनकी छंटनी नहीं होगी। वे पहले की तरह पढ़ाएंगे और उन्हें मानदेय मिलेगा।

बिहार की तरह मिलेगा 5200-20200 का वेतनमान
आकलन परीक्षा पास करने पर पारा शिक्षकाें को बिहार के नियोजित शिक्षकों की तर्ज पर 5200-20200 का वेतनमान दिया जाएगा। शिक्षकों को 2400 से 2800 का ग्रेड पे भी मिल सकेगा। इसमें शिक्षक पात्रता परीक्षा पास प्रशिक्षित पारा शिक्षकों को वेतनमान का सीधा लाभ मिलेगा, वहीं बाकी प्रशिक्षित पारा शिक्षकों के लिए तीन सीमित (आकलन) परीक्षा आयोजित की जाएगी।

11 हजार टेट पास पारा शिक्षकों को मिलेगा सीधा लाभ
राज्य में 5200 से 20200 का वेतनमान लागू होने पर 11,000 टेट पास और प्रशिक्षित पारा शिक्षकों को सीधे वेतनमान का लाभ मिलेगा। उन्हें आकलन परीक्षा नहीं देनी होगी। इन शिक्षकों को सातवां वेतनमान, ग्रेड पे, महंगाई भत्ता, आवास भत्ता और मेडिकल के लिए भत्ता भी दिया जाएगा। बिहार में प्राइमरी से प्लस टू स्कूलों तक नियोजित शिक्षक बहाल हैं।