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भर्ती नहीं किए जा रहे संक्रमित:ज्यादातर निजी अस्पतालों में बेड फुल, सरकारी में सिर्फ 30 रिजर्व बेड ही खाली

रांची6 महीने पहले
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  • बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच नया संकट
  • 24 अस्पतालों का जायजा, 13 भरे मिले, 11 में कहा, 1-2 बेड हैं, मरीज आने वाले हैं

झारखंड में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच नई परेशानियां भी बढ़ती जा रही हैं। सबसे बड़ी समस्या संक्रमितों के इलाज को लेकर खड़ी हो गई है। रांची के सरकारी और निजी अस्पतालों में बेड भर चुके हैं। इससे नए संक्रमितों को बिना इलाज के ही लौटना पड़ रहा है। इससे संक्रमण का खतरा और बढ़ गया है। दैनिक भास्कर ने राजधानी के 24 निजी अस्पतालों का जायजा लिया तो 13 में एक भी बेड खाली नहीं मिला। बाकी 11 अस्पतालों में एक-दो बेड खाली मिले, लेकिन बताया गया कि मरीज आने वाले हैं।

इस दौरान मेडिका, ऑर्किड, मेदांता, सेवा सदन, देवकमल हॉस्पिटल, आलम नर्सिंग होम प्रबंधन ने बताया कि हमारे यहां जो बेड क्षमता थी, उसके अनुसार संक्रमितों को भर्ती लिया। अब बेड नहीं हैं। वहीं सरकारी अस्पतालों में 30 बेड खाली हैं, जिन्हें प्रशासन के आदेश पर रिजर्व रखा गया है। इन बेड पर आम लोगों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। रिम्स के 250 बेड में कुछ रिजर्व रखे गए हैं, जो विशेष परिस्थिति व गंभीर मरीजों को दिए जाएंगे। इधर, समस्या हल न हुई तो स्वास्थ्य विभाग ने रोज जारी करने वाले खाली बेड के आंकड़े देर रात तक जारी नहीं किए।

बड़ा खतरा, बिना लक्षण वाले संक्रमित घर भेजे जा रहे

रिम्स के डेटा के अनुसार, बिना लक्षण वाले 15 संक्रमितों को होम आइसोलेशन में भेज दिया गया। रिम्स के पीआरओ डाॅ. डीके सिन्हा ने बताया कि अब बेड गंभीर मरीजों के लिए हैं। इसलिए बिना लक्षण वाले घर भेजे जा रहे हैं।

बड़ा सवाल- खेलगांव में 710 बेड, यहां क्यों नहीं भेजे जा रहे मरीज

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने बेड बढ़ाने को कहा था, पर ठोस पहल नहीं हो सकी। प्रशासन ने खेलगांव में बिना लक्षण वाले मरीजों के लिए 710 बेड की व्यवस्था की है, पर असिम्प्टोमैटिक मरीज यहां नहीं भेजे जा रहे।

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