• Hindi News
  • Local
  • Jharkhand
  • Ranchi
  • BJP Workers Were Shouting Slogans... Modi Modi, Bharat Mata Ki Jai, JMM Members Were Speaking... Shibu Hemant Zindabad, Jai Jharkhand

गौरव के पल...:भाजपा कार्यकर्ता लगा रहे थे नारा... मोदी-मोदी, भारत माता की जय, झामुमो सदस्य बोल रहे थेे... शिबू-हेमंत जिंदाबाद, जय झारखंड

रांची2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

भगवान बिरसा मुंडा संग्रहालय के ऑनलाइन उद््घाटन के माैके पर भाजपा अाैर झामुमो के बीच राष्ट्रीय जनजातीय गाैरव दिवस की घोषणा का असर दिखा। दाेनाें पक्षाें ने एक-दूसरे की हूटिंग में तनिक काेताही नहीं की। पूरे कार्यक्रम में भाजपा और झामुमो कार्यकर्ता नारे लगाते रहे। प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान भाजपा समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने मोदी-मोदी के नारे तथा भारत माता की जय के नारे लगाए। वहीं, पार्टी के झंडे के साथ पहुंचे झामुमो कार्यकर्ताओं ने हेमंत सोरेन जिंदाबाद, शिबू सोरेन जिंदाबाद अाैर जय झारखंड के नारे लगाए।

प्रधानमंत्री अाैर मुख्यमंत्री के भाषण के दाैरान भी नारे लगे। जब केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा धन्यवाद ज्ञापित कर रहे थे, उस समय उनके पूरे भाषण के दौरान झामुमो कार्यकर्ताओं ने मंच के सामने पहुंच कर नारे लगाए। हालांकि नारों के बीच कोई किसी से उलझा नहीं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड वीरों की भूमि है। यहां के सपूत देश और राज्य की अस्मिता की लड़ाई में सदैव आगे रहे। हमारे महान पुरखों ने अपनी पीढ़ी और प्रकृति को संरक्षित करने की लड़ाइयां लड़ीं। झारखंड एक छोटा सा राज्य है, लेकिन इसका एक अलग इतिहास और स्थान है। केंद्र और राज्य के समन्वय से भगवान बिरसा मुंडा स्मृति उद्यान सह स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय का उद््घाटन हुआ है। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा।

30 एकड़ में फैला है संग्रहालय...

नगर विकास सचिव विनय कुमार चौबे ने बताया कि यह संग्रहालय 30 एकड़ में फैला है। इसे कुल 142.31 करोड़ रुपए की राशि से विकसित किया गया है। इसमें 117.31 करोड़ रुपए झारखंड सरकार और 25 करोड़ रुपए केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय की ओर से दिया गया है।

मंत्रियों ने कहा...

कार्यक्रम में मंत्री अालमगीर अालम ने कहा कि अगले 3 साल में जनता को दिये अाश्वासनों को सरकार पूरा करेगी। स्वागत भाषण में सत्यानंद भोक्ता ने कहा, झारखंड विकास की राह पर चल पड़ा है। जगरनाथ महतो बोले, जिस तरह झारखंड ने कोरोना को पराजित किया, अन्य समस्याओं को भी दूर करेगा।

राज्य में अब हो रहा झारखंडी भावना के अनुरूप काम : सीएम

प्रोजेक्ट भवन सभागार में आयोजित राजकीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में झारखंड में विकास को जो गति मिलनी चाहिए थी, नहीं मिली। प्रारंभ से ही अगर ढंग से काम होता, तो झारखंड अाज अगड़े राज्यों में शुमार होता। जिस उद्देश्य को लेकर अलग झारखंड का निर्माण हुअा, उसकी पूर्ति के लिए झारखंडी भावना के अनुरूप काम नहीं हुअा। पीएम ने अाज के दिन को राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की है, लेकिन एेसा करने में भी 150 वर्षों का समय लग गया। अब राज्य सरकार पहली बार झारखंडी भावना के अनुरूप कार्य योजना बना कर उस पर काम कर रही है। कोरोना क दो साल हम कमरे में बंद रहे। अब राज्य विकास की राह पर चल पड़ा है। पर अाम जनता की समस्याएं दूर हों, इसके लिए केवल जनप्रतिनिधि और अधिकारी ही नहीं सभी को योगदान देना होगा।

महान विभूतियों के संघर्ष को नमन, हम अटल जी को नहीं भुला सकते : राज्यपाल

राजकीय समारोह को मुख्य अतिथि के पद से संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेश बैस ने कहा कि वह उन विभूतियों को नमन करते हैं जिनके संघर्ष और त्याग के कारण अलग झारखंड बना। लेकिन हम पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को कैसे भूल सकते हैं, जिन्होंने हमें झारखंड राज्य दिया। उन्होंने कहा कि पिछले 21 सालों में विकास के नए आयाम स्थापित हुए हैं। राज्य की जनता को सरकार से काफी अपेक्षा है, जिसे पूर्ण करने के लिए हम सभी तत्पर हैं। पर केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाएं धरातल पर उतरें, इसके लिए सरकारी तंत्र को समर्पित भाव से कार्य करने की जरूरत है।

कई योजनाएं शुरू, जनजातीय भाषा के अनुवादकों को एक-एक लाख

समारोह में बिरसा मुंडा के वंशज सुखराम मुंडा और कानू मुंडा के साथ साथ पद्मश्री से सम्मानित छुटनी महतो, शशिधर अाचार्य, मधु मंसूरी हंसमुख व मुकुंद नायक को सम्मानित किया गया। इसके अलावा जनजातीय भाषा भूमिज, अासुरी, बिरहोरीऔर मालतो के अनुवादकों रामा पहाड़िया, वृहस्पति सरदार, परमेश्वर सरदार, श्रीनाथ सरदार, सुषमा असुर, योगेश्वर असुर, छत्रपाल बिरहोर, रामाराम बिरहोर, रामा पहाड़िया, रंजीत सरदार, शिवजन सरदार को मुख्यमंत्री ने प्रोत्साहन राशि के रूप में एक एक लाख रुपये देने की घोषणा की।

इस अवसर पर एनबीटी के सहयोग से उपरोक्त चार जनजातीय भाषाओं में 45 चित्रात्मक पुस्तकों के प्रकाशन का विमोचन किया गया। बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा द्वारा प्रकाशित सरहुल पत्रिका का भी विमोचन किया गया। इसी तरह यूनिवर्सल पेंशन स्कीम, गैर अनुसूचित जिलों के लिए चयनित इतिहास और नागरिक शास्त्र के 682 हाई स्कूल शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिये जाने की शुरुअात की गई। सोना सोबरन धोती-साड़ी योजना में ग्रीन राशन कार्डधारी पांच लाख परिवारों को भी समाहित कर इसे नए सिरे से शुभारंभ किया गया। इसी तरह फूलो झानो अभियान के दूसरे चरण का शुभारंभ किया गया।

खबरें और भी हैं...