झारखंड एटीएस की कार्रवाई:नक्सलियाें काे हथियार सप्लाई करने में बीएसएफ का हवलदार धराया

रांची2 महीने पहले
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14 पिस्टल, 9213 गाेलियां, 21 मैग्जीन व डेटोनेटर मिला। - Dainik Bhaskar
14 पिस्टल, 9213 गाेलियां, 21 मैग्जीन व डेटोनेटर मिला।

झारखंड एटीएस ने नक्सलियाें और अपराधियाें काे हथियार व गाेलियां सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय गिराेह का भंडाफाेड़ कर पांच सदस्याें काे गिरफ्तार किया है। इसमें बीएसएफ का हेड कांस्टेबल कार्तिक बाेहरा व रिटायर्ड जवान अरुण कुमार सिंह भी शामिल है। कार्तिक बाेहरा पंजाब के फिराेजपुर स्थित 116 बटालियन में काेत (शस्त्रागार) प्रभारी है।

वह मूल रूप से सरायकेला खरसावां का निवासी है। वहीं अरुण सिंह काे बिहार के सारण से गिरफ्तार किया गया। इससे पहले 13 नवंबर काे भी एटीएस ने इसी गिराेह के सीअारपीएफ के एक भगाेड़े जवान अविनाश कुमार काे बिहार के इमामगंज से गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ के बाद ही एटीएस काे यह सफलता मिली। आईजी अभियान अमाेल वेणुकांत हाेमकर ने गुरुवार काे बताया कि यह गिराेह झारखंड, बिहार, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और पंजाब में पांच साल से सक्रिय है। इनके पास से 14 पिस्टल, 9213 गाेलियां, 21 मैगजीन और डेटाेनेटर मिले हैं। यह गिराेह मध्यप्रदेश व महाराष्ट्र में अवैध हथियार बनवाते थे और सप्लाई करते थे।

इनकी हुई है गिरफ्तारी

अरुण कुमार सिंह (रिटायर्ड बीएसएफ जवान : बिहार के सारण जिला निवासी अरुण से 909 गाेलियां मिलीं।

  • कार्तिक बेहरा (बीएसएफ में हेड कांस्टेबल) : सरायकेला के पदमपुर निवासी कार्तिक के पास 8304 गाेलियां, डेटाेनेटर व मैगजीन मिली।
  • कुमार गुरलाल : बुरहानपुर मध्य प्रदेश
  • शिवलाल धवल सिंह चौहान : बुरहानपुर मध्य प्रदेश
  • हिराला गुमान सिंह ओचवारे : बुरहानपुर मध्य प्रदेश
  • इन तीनों के पास से 14 पिस्टल 21 मैग्जीन, एक बाइक व दो मोबाइल बरामद हुए है

झारखंड में इन गिराेहाें काे भी करते थे सप्लाई

एटीएस एसपी प्रशांत आनंद ने बताया कि गिराेह के सदस्य झारखंड में नक्सलियाें के अलावा अमन साहू, सुशील श्रीवास्तव, सुजीत सिन्हा, फहीम खान, डब्लू सिंह और भाेला पांडेय गिराेह काे भी हथियार और गाेलियां सप्लाई कर रहे थे। 10 दिन के अंदर एटीएस झारखंड इस गिरोह के कुल 9 सप्लायरों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरोह के इन सदस्यों ने अबतक 10 हजार से अधिक कारतूस की सप्लाई कई राज्यों में कर चुके हैं।

700 से 2000 रु. तक में बिकती है एक गाेली

एटीएस काे सीआरपीएफ जवान से 450 गाेलियां मिली थीं। वहीं बीएसफ के जवानाें से 9213 गाेलियां मिली हैं। एक गाेली 700 रुपए से लेकर 2000 रुपए तक में बिकती है। अबतक की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि इस गिरोह के सदस्य 10 हजार से अधिक गाेलियाें की सप्लाई कर चुके हैं।

वहीं 9663 गाेलियां ताे सिर्फ 10 दिनों के अंदर बरामद हुए हैं। अगर एक कारतूस को इन लोगो ने औसतन 1000 रुपए में भी बेचा होगा तो अबतक ये एक करोड़ से अधिक की गाेलियां बेच चुके हैं। इतनी ही बेचने की तैयारी थी। यह गिराेह सीआरपीएफ और बीएसएफ जवानाें काे इसलिए शामिल करता था कि उन्हें आसानी से गाेलियां मिल जाए।

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