डरावना हुआ काेराेना:झारखंड में 21 अप्रैल तक काेराेना के एक्टिव केस 24 हजार के पार होंगेे, बेड भी कम पड़ेंगे

रांची8 महीने पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
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  • स्वास्थ्य विभाग ने माना-अभी और बिगड़ेंगे हालात
  • अकेले राजधानी रांची में 12 हजार मरीज होंगे, 3200 बेड शॉर्टेज हो जाएंंगे

राज्य में कोरोना के हालात और बिगड़ेंगे। स्वास्थ्य विभाग के आकलन के मुताबिक अगले एक सप्ताह में राज्य में एक्टिव कोरोना मरीजों की संख्या दोगुनी हो जाएगी। तब पूरे राज्य में कोरोना मरीजों की लिए बेड मिलना और मुश्किल होगा। खासकर रांची में। कारण है कि राज्य में कुल एक्टिव मरीजो में से आधे मरीज सिर्फ रांची में हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कोरोना संक्रमण के वर्तमान दर के आधार पर राज्य में 21 अप्रैल तक एक्टिव मरीजों की संख्या 24 हजार के पार हाे जाएगी। राजधानी रांची में सबसे ज्यादा करीब 11779 एक्टिव मरीज होंगे।

राज्य में अभी एक्टिव मरीजों की संख्या 12,293 है, जबकि रांची में एक्टिव मरीजों की संख्या छह हजार है। ऐसे में जिले में तत्काल 3200 बेड की आवश्यकता पड़ेगी। इसमें 2039 सामान्य बेड, 752 ऑक्सीजन सपोर्ट बेड, 419 आईसीयू बेड और 124 वेंटिलेटर की जरूरत है। हालात यह है कि अभी राजधानी के अधिकांश निजी और सरकारी अस्पतालों के आईसीयू और ऑक्सीजन बेड फुल है। गंभीर मरीजों काे बेड नहीं मिल रहे हैं। रिम्स में सिर्फ सामान्य बेड ही खाली हैं। सुबह से रात तक परिजन मरीजों को लेकर बेड के लिए जद्दोजहद करते हैं। लेकिन शाम में उन्हें उदासी ही हाथ लगती है।

डीसी काे निर्देश, बेड बढ़ाएं, 17 जिलों में आईसीयू बेड की जरूरत

स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को ही सभी डीसी को पत्र लिखकर 21 अप्रैल तक के हालात का आकलन कर बेड की व्यवस्था तत्काल करने को कहा है। सभी डीसी को उनके जिले के मरीजों का प्रोजेक्शन भेजते हुए बेड की व्यवस्था करने को कहा गया है। उनसे कहा गया है कि राज्य के 17 जिलों में आईसीयू बेड बढ़ाने की जरूरत है। इन 17 जिलो में 556 आईसीयू बेड बढ़ाने को कहा गया है।

09 अप्रैल- वर्तमान में क्या है स्थिति

  • राज्य में कुल एक्टिव मरीज- 12293
  • सामान्य बेड- 9335
  • ऑक्सीजन सर्पोर्टेड- 2166
  • आईसीयू बेड- 647
  • वेंटिलेटर- 622

आरटीपीसीआर जांच भी बढ़ाएं

सभी जिलों के डीसी को निर्देश दिया गया है कि अपने जिले में निजी तथा सरकारी अस्पतालों में बेड बढ़ाना सुनिश्चित करें। स्वास्थ्य विभाग स्थितियों का आकलन कर बेड बढ़ाने का प्रयास कर रही है। साथ ही सभी आरटीपीसीआर लैब को भी टेस्टिंग बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।

-बन्ना गुप्ता, स्वास्थ्य मंत्री, झारखंड

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