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हाईकोर्ट की फटकार:चीफ जस्टिस ने राज्य सरकार से कहा- सदर अस्पताल में ऑक्सीजन टैंक के लिए केंद्र काे आवेदन दें

रांचीएक महीने पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • मामले की सुनवाई के दौरान गुरुवार को भी निर्माण करने वाली कंपनी को फटकार लगाई

सदर अस्पताल की लचर व्यवस्था पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि झारखंड को ऑक्सीजन स्टोरेज टैंक देने में प्राथमिकता मिले। गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस डॉ. रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने राज्य सरकार को टैंक के लिए केंद्र सरकार को आवेदन देने को कहा। खंडपीठ ने कहा कि झारखंड से देश के कई राज्यों को ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है।

ऐसे में झारखंड की जरूरतों को केंद्र सरकार को प्राथमिकता के तौर पर लेना चाहिए। खंडपीठ ने महाधिवक्ता को अगले सप्ताह प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। गुरुवार को सुनवाई के दौरान बोकारो स्टील प्लांट के प्रतिनिधि ने बताया कि उनके पास फिलहाल अतिरिक्त ऑक्सीजन स्टोरेज टैंक नहीं है। इसलिए, वह नहीं दे सकते। इस पर हाईकोर्ट ने महाधिवक्ता को एचईसी, हिंडाल्को, टाटा स्टील से जानकारी लेने को कहा। खंडपीठ ने कहा कि इन प्रतिष्ठानों के पास भी ऑक्सीजन प्लांट है। इस कारण यहां टैंक होने की संभावना है। इस पर महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि वह इन प्रतिष्ठानों से जानकारी लेने के बाद खंडपीठ को अवगत कराएंगे।

अस्पताल का निर्माण कर रही कंपनी को फटकार

मामले की सुनवाई के दौरान गुरुवार को भी निर्माण करने वाली कंपनी को फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने सदर अस्पताल से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान सदर अस्पताल के निर्माण का कार्य करा रही कंपनी को काम पूरा करने में हो रहे विलंब के लिए कसूरवार ठहराया। अदालत ने कंस्ट्रक्शन कंपनी ने अपने सब कॉन्ट्रेक्टरों का पैसा रोक कर रखा है। इसकी वजह से कार्य पूरा होने में देर हो रही है। कंपनी ने जिन सब कॉन्ट्रेक्टरों को चेक दिया वो भी बाउंस हो रहा है। इसलिए, कंपनी को अपना रवैया सुधारने की जरूरत है। कई कंपनियों ने चेक बाउंस होने की जानकारी खंडपीठ को दी है।

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