रांची के बालाश्रय में बच्चे का शोषण:जिसे दी थी सुरक्षा की जिम्मेदारी वही 1 महीने से कर रहा था उत्पीड़न

रांची8 महीने पहले
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जिला बाल कल्याण समिति के सदस्यों के देखरेख में बिल्डिंग को सील किया गया। - Dainik Bhaskar
जिला बाल कल्याण समिति के सदस्यों के देखरेख में बिल्डिंग को सील किया गया।

रांची के ITI स्थित बालाश्रय को मंगलवार को रांची DC के आदेश के बाद सील कर दिया गया। यहां रह रहे सभी बच्चों को सुरक्षित आदिम जाति सेवा मंडल, निवारणपुर पहुंचाया गया। यहां पिछले एक महीने से 11 साल के बच्चे का यौन उत्पीड़न किया जा रहा था।

9 अक्टूबर को बालाश्रय की अधीक्षक ने जिला बाल कल्याण समिति (CWC) को पत्र लिखकर मामले की पूरी जानकारी दी थी। इसमें बताया गया था कि यहां कार्यरत सुरक्षा प्रहरी शंभू प्रसाद लोहरा 11 साल के एक बच्चे के साथ अप्राकृतिक यौनाचार कर रहा है। पिछले एक महीने से उसका यौन शोषण किया जा रहा है।

पुलिस की निगरानी में बच्चों सुरक्षित दूसरी जगह शिफ्ट किया गया।
पुलिस की निगरानी में बच्चों सुरक्षित दूसरी जगह शिफ्ट किया गया।

शिकायत मिलते ही CWC हरकत में आ गई। मामले की जांच की गई। जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी शंभू प्रसाद लोहरा के खिलाफ पंडरा थाने में FIR दर्ज कराई गई। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही प्रबंधन कमेटी को रद्द कर यहां की बिल्डिंग को सील कर दिया गया।

सदस्य कर रहे हैं संचालक पर कार्रवाई की मांग

बालाश्रय की बिल्डिंग को सील कराने के दौरान CWC के सदस्य भी वहां मौजूद रहे। सदस्य बैद्यनाथ कुमार ने बताया कि शेल्टर होम में इस तरह की घटना घटी है। इसके लिए संचालक भी जिम्मेदार हैं। नियमानुसार उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।

अनाथ बच्चों का ठिकाना है बालाश्रय

बालाश्रय में मुख्य रूप से अनाथ बच्चों को रखा जाता है। ऐसे बच्चे जिन्हें ट्रैफिकिंग अन्य जगहों से सरकार मुक्त कराती हैं। यहां उन्हें अधिकारियों की देखरेख में रखा जाता है। उनके रहने-खाने से लेकर शिक्षा और बेहतर जीवन उपलब्ध कराया जाता है। इसका सारा खर्च सरकार वहन करती है।