नियमों का उल्लंघन:सीएनजी ऑटो रिक्शा कर रहे जब्त डीजल वाले को चलने की दे रहे छूट

रांचीएक वर्ष पहले
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थाने में जब्त ऑटो - Dainik Bhaskar
थाने में जब्त ऑटो
  • पुलिस व प्रशासन को पैसे से मतलब, प्रदूषण कम होने से नहीं
  • सचिव के आदेश के बाद भी सीएनजी ऑटो को नहीं दिया परमिट
  • परमिट जारी नहीं होने और जांच होने से कम ऑटो चल रहे हैं, जिससे लोगों किराया दोगुना देना पड़ रहा है

झारखंड में ऑटो रिक्शा को नियम और कानून में बांधकर जब चाहे कमाई की जा सकती है। इसी का परिणाम है कि आज शहर में वैध से 5 गुना अधिक अवैध ऑटो चल रहे हैं। इसी कड़ी में सीएनजी ऑटो भी शामिल हो गया है। इसकी भी बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। रांची जिला परिवहन पदाधिकारी ने अभी तक 3000 से अधिक सीएनजी ऑटो का रजिस्ट्रेशन कर दिया है। सीएनजी ऑटो से 15 वर्षों का रोड टैक्स एक साथ लिया जा रहा है।

प्रत्येक ऑटो के रजिस्ट्रेशन पर करीब 40 हजार रुपए खर्च हो रहे हैं। यानी 3000 सीएनजी ऑटो से करीब 12 करोड़ रुपए टैक्स के रूप में वसूला गया, लेकिन अभी तक एक भी ऑटो को परमिट नहीं मिला। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन के अधिकारी ऑटो से कमाई का रास्ता निकालने में जुट गए है। रोजाना सीएनजी ऑटो की जांच हो रही है। पट्रैफिक पुलिस सीएनजी ऑटो चालक से परमिट की मांग कर रही है।

60% डीजल ऑटो का भी परमिट फेल, पर चल रहा

रांची में चलने वाले डीजल ऑटो में 60 फीसदी का परमिट फेल हो चुका है। कई ऑटो का परमिट मार्च में फेल हुआ तो कुछ का मई और जून में। आरटीओ कार्यालय में तेजी से काम नहीं हो रहा है। केंद्र सरकार ने कागजात की जांच में दी है, लेकिन ट्रैफिक पुलिस ऑटो चालकों को परेशान करने में लगी है।

प्रदूषणमुक्त करने के लिए सीएनजी की हुई थी शुरुआत

राजधानी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए पूर्व की रघुवर सरकार ने सीएनजी ऑटो चलाने की अनुमति दी थी। बकायदा रांची में 2 सीएनजी स्टेशन लगाए गए, ताकि ऑटो चालक सीएनजी भरा सके। लेकिन, प्रशासन ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए नया परमिट जारी करने से इंकार कर दिया। जब ऑटो चालक संघ के प्रतिनिधियों ने सरकार से कहा कि सीएनजी ऑटो का परमिट का डीजल ऑटो के परमिट से कोई लेना-देना नहीं है। इसलिए, परिवहन सचिव के. रवि कुमार ने मार्च में ही सीएनजी ऑटो को परमिट जारी करने का निर्देश दे दिया। इसके बावजूद जिला प्रशासन ने एक भी सीएनजी ऑटो को परमिट नहीं दिया।

ऑटो चालक संघ का आरोप...अफसरों को ज्ञापन देकर थक गए हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है

परिवहन मंत्री, परिवहन सचिव से लेकर आरटीओ को कई बार आवेदन दिया कि सीएनजी ऑटो काे परमिट दें। डीजल ऑटो के परमिट में हुए फर्जीवाड़े की जांच कराएं। पर, कोई सुनवाई नहीं हुई। अब कोर्ट की शरण में जाएंगे। -दिनेश सोनी, संरक्षक, डीजल ऑटो चालक संघ

सीएनजी ऑटो का परमिट अलग से जारी करने का आदेश दे चुके हैं

सीएनजी ऑटो का परमिट अलग से जारी किया जाना है। इसे लेकर पूर्व में ही दिशा-निर्देश दिया गया था। अभी तक परमिट देने की प्रक्रिया क्यों नहीं शुरू हुई, इस पर जल्द ही बैठक करके आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।  
-के. रवि कुमार, सचिव, परिवहन विभाग

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