भास्कर पड़ताल:कोरोना के संक्रमित बढ़ रहे हैं, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के निर्देशाें का अधिकारी नहीं करा रहे पालन

रांची5 महीने पहले
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ऐसी लापरवाही ठीक नहीं...मास्क-डिस्टेंसिंग जरूरी - Dainik Bhaskar
ऐसी लापरवाही ठीक नहीं...मास्क-डिस्टेंसिंग जरूरी
  • सचिव व डीसी का आदेश- संक्रमितों को होम आइसोलेशन में नहीं रखना है
  • सच्चाई... रांची में 106 मरीज, मात्र 15 अस्पताल में, बाकी घर पर आइसोलेट

कोरोना के नए संक्रमितों को होम आइसोलेशन में नहीं रखना है। यह आदेश दो माह पहले ही स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने दिया था। बावजूद संक्रमित मिल रहे हैं और उन्हें घर पर रहने की छूट दी जा रही है। प्रशासन उन्हें ठीक ठंग से फॉलोअप नहीं कर पा रहा है। सोमवार को डीसी ने भी बैठक कर अधिकारियाें को निर्देश दिया था कि जब हाेम आइसाेलेशन बंद है फिर इन्हें कैसे घर में रहने की छूट दी जा रही है।

इन्हें संस्थानगत आइसोलेशन में रखना है। इधर, अधिकारियोें के निर्देश की सच्चाई कितनी है, इसकी पड़ताल दैनिक भास्कर ने की। पता चला कि अब भी 90 से ज्यादा संक्रमित घर पर ही हैं। मंगलवार तक कुल एक्टिव मामले 106 थे, जबकि शहर के सरकारी व गैर सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या 15 से भी कम है। ऐसे में सवाल उठता है कि प्रबंधन किसी तरह से थर्ड वेब को लेकर अपनी तैयारी कर रही है। सदर अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, यहां मंगलवार तक 8 रोगी एडमिट थे। रिम्स में एक भी मरीज भर्ती नहीं हैं। इसके अलावा तीन-चार प्राइवेट अस्पतालों गिनेचुने संक्रमित भर्ती हैं।

26 से ज्यादा अस्पतालों में एक भी संक्रमित नहीं

शहर के 30 से ज्यादा अस्पतालों में दूसरी लहर के दौरान संक्रमितों का इलाज चल रहा था। ढूंढने पर बेड नहीं मिल रहे थे। इस बार कोरोना के 100 से ज्यादा मामले अा चुके हैं, लेकिन 26 से ज्यादा अस्पतालों में एक भी संक्रमित भर्ती नहीं हैं। अच्छी बात है कि अस्पताल थर्ड वेब से निबटने की पूरी तैयारी में है। सदर अस्पताल में कोविड रोगियों के लिए 240 से ज्यादा बेड तैयार हैं। इसमें बड़े व बच्चों दोनों के लिए अलग-अलग आईसीयू है। सभी बेड के पास ऑक्सीजन पाइपलाइन से पहुंचाने की तैयारी कर ली गई है। 150 से ज्यादा बेड नॉर्मल ऑक्सीजन सपोर्टेड सुरक्षित रखे गए हैं। रिम्स में ट्रॉमा सेंटर में 60 बेड, पार्किंग कोविड अस्पताल में 100 बेड व स्त्री एवं प्रसूति विभाग में 36 बेड की आईसीयू रखी गई है। प्राइवेट अस्पतालों ने कोरोना के बढ़ते मामलों के देखते हुए वर्तमान में 25% बेड सुरक्षित कर लिया है।

इटकी में 300 बेड पर पाइपलाइन से ऑक्सीजन पहुंचेगी

इटकी स्थित यक्ष्मा आरोग्यशाला में ऑक्सीजन प्लांट व 300 तैयार बेड का 15 दिन पहले डीडीसी ने जायजा लिया था। अधीक्षक डॉ. रंजीत प्रसाद के अनुसार ऑक्सीजन प्लांट तैयार है। 150 बेड तक कनेक्शन हो चुका है। बचे 150 बेड तक पाइपलाइन कनेक्शन का काम जारी है। 7 से 10 दिनाें के भीतर काम अंतिम रूप ले लेगा।

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा...अभी खतरा टला नहीं है, सचेत रहें

कोरोना से निबटने में झारखंड को देश में तीसरा स्थान मिला है। एक न्यूज चैनल की ओर से किए गए सर्वे में ओडिशा को पहला, असम को दूसरा अौर झारखंड को तीसरा स्थान मिला है। स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने एक प्रेस बयान जारी कर कहा है कि यह प्रत्येक झारखंडी के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद हर क्षेत्र में बेहतर कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अभी भी खतरा टला नहीं है। हम सभी को एकजुट होकर कोरोना के संभावित तीसरी लहर से भी लड़ने को तैयार रहना है।

निजी अस्पताल : जिले के 25 से ज्यादा प्राइवेट अस्पताल थर्ड वेब से निबटने के लिए तैयार हैं। अभी से ही 25% बेड रिजर्व है। संक्रमित बढ़ेंगे तो क्षमता 50% करने की तैयारी है

रिम्स-सदर अस्पताल ऑक्सीजन: सदर, रिम्स, इटकी में प्लांट लग रहा है, एक बार रिफिल होगा तो 3 दिन चलेगा

वेंटिलेटर : रिम्स में 55 वेंटिलेटर व 30 से ज्यादा एचएफएनसी और सदर में 25 वेंटिलेटर व 20 एचएफएनसी

बेड: सदर अस्पताल में 200 से ज्यादा बेड- 60 निकू व पीकू, रिम्स में 250, प्राइवेट में 500 से ज्यादा बेड तैयार

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