RIMS में अब कोबास से होगी कोविड की जांच:रोज 2 हजार से ज्यादा सैंपल की हो सकेगी जांच, सेंट्रल लैब का भी CM करेंगे शुभारंभ

रांची2 महीने पहले
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कोविस का सफल ट्रायल अगस्त में ही शुरू हो गया था। विधिवत उद्घाटन नहीं होने के कारण इसका नियमित इस्तेमाल शुरू नहीं हो पा रहा था। - Dainik Bhaskar
कोविस का सफल ट्रायल अगस्त में ही शुरू हो गया था। विधिवत उद्घाटन नहीं होने के कारण इसका नियमित इस्तेमाल शुरू नहीं हो पा रहा था।

रांची में कोरोना जांच की रफ्तार में बढ़ोतरी होगी। अब रोज यहां 2 हजार से ज्यादा सैंपल की जांच संभव हो सकेगी। इसके लिए यहां कोबास मशीन लगाया गया है । इसका विधिवत उद्घाटन बुधवार को होगा। अभी तक RIMS में RTPCR मशीन के माध्यम से ही जांच की जा रही थी। RIMS राज्य का पहला अस्पताल होगा जहां कोवास से कोविड सैंपल की जांच की शुरुआत की जाएगी।

RIMSमाइक्रोबायोलॉजी विभाग के HOD डॉ मनोज कुमार ने बताया कि कोबास की मदद से कोरोना के सैंपल का जांच बेहतर तरीके से हो सकेगी। इस मशीन से एक दिन में 1200 सैंपल की जांच हो पाएगी। उन्होंने बताया कि इस मशीन की मदद से केवल कोरोना का ही नहीं, बल्कि अन्य वायरल इंफेक्शन की जांच भी की जा सकती है, जिससे RIMS आने वाले मरीजों को लाभ मिलेगा।कोबास मशीन से वायरल हेपेटाइटिस बी एंड सी, एचआईवी (HIV), एमटीबी, पैपिलोमा, क्लैमाइडिया, नेयसेरेमिया जैसे रोगों के लक्षणों का पता लगाया जा सकता है।

चालू होगी RIMS की सेंट्रल लेबोरेटरी
RIMS में तैयार सेंट्रल इमरजेंसी लैब का उदघाटन भी बुधवार को होगा। हाईकोर्ट की लगातार फटकार के बाद रिम्स में होने वाले जांच को बढ़ावा देने के लिए पैथोलॉजिकल लैब का एक्सटेंशन किया गया है। यहां 100 तरह की जांच हो सकेगी। लैब का संचालन पैथोलॉजी विभाग, बायोकेमेस्ट्री विभाग, माइक्रोबायोलॉजी विभाग और लैब मेडिसिन करेगा। इस लैब में ब्लड-यूरीन कल्चर समेत कई तरह की जांच हो सकेगी। यहां 6 तरह से ज्यादा नयी मशीनें इंस्टॉल की गयी हैं।

ब्लड क्लॉटिंग जांच से यूरिन एनालाइजर तक की सुविधा
इंस्टॉल्ड मशीनों में ब्लड क्लॉटिंग सिस्टम की जांच में उपयोगी को कॉग्लूमीटर पीटी टेस्ट मशीन, हार्मोन जांच के लिए एलिजा रीडर, 400 जांच क्षमता वाली बायोकेमेस्ट्री एनालाइजर, यूरिन संबंधित जांच के लिए यूरिन एनालाइजर आदि शामिल हैं।

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