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लापरवाही की सारी हदें पार:काेराेना संक्रमित शवों के अंतिम संस्कार में गड़बड़ी, पड़ताल में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

रांची/धनबादएक महीने पहले
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21 घंटे तक यूं ही पड़ी रही संक्रमित की लाश। - Dainik Bhaskar
21 घंटे तक यूं ही पड़ी रही संक्रमित की लाश।
  • नियम- संक्रमित का शव छू नहीं सकते, परिजनों के हवाले नहीं किया जा सकता, प्रशासन ही कराएगा संस्कार
  • हकीकत- अस्पताल कोविड प्रोटोकॉल की अनदेखी कर परिजनों को बिना सुरक्षा के ही सौंप देते हैं शव

झारखंड में कोरोना संक्रमित शवों के अंतिम संस्कार में भारी गड़बड़ी हो रही है। किसी भी प्रोटोकॉल का पालन नहीं हो रहा। कोरोना से मरने वालों के अंतिम संस्कार के लिए जो गाइडलाइन तय है, उसके मुताबिक शव किसी भी परिस्थिति में परिजनों के हवाले नहीं किया जा सकता। उसे छूने तक की मनाही है। लेकिन धनबाद के सेंट्रल हॉस्पिटल व रांची के सदर अस्पताल में इसकी खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

कोरोना मरीजों के शव उनके परिजनों को सौंप दिए जा रहे हैं। परिजन खुद अंतिम संस्कार कर रहे हैं। भास्कर ने जब रांची, जमशेदपुर व धनबाद में पड़ताल की तो यह चौंकाने वाला खुलासा सामने आया। हालांकि रांची के रिम्स और जमशेदपुर के अस्पतालों में अंतिम संस्कार में पूरी तरह से प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। यहां संक्रमित व्यक्ति का शव परिजनों को नहीं दिया जाता, बल्कि गाइडलाइन के तहत अंतिम संस्कार किया जाता है।

धनबाद का केंद्रीय अस्पताल

बगैर कवर सौंपा शव, उसे रख परिजनों ने मांगी नौकरी

नौकरी के लिए होती रही वार्ता
नौकरी के लिए होती रही वार्ता

महुदा काेल वाशरी में टंडेल के पद पर कार्यरत हाथुडीह काॅलाेनी के नवरंगी मिस्त्री की बुधवार रात धनबाद के केंद्रीय अस्पताल में माैत हाे गई। काेविड जांच में वह पाॅजिटिव मिला। फिर भी शव परिजनाें काे साैंप दिया। न ताे उसे प्लास्टिक में पैक किया, न ही पीपीई किट से ढंका। परिजन खुली गाड़ी में शव लेकर घर पहुंच गए। रात भर शव वैसे ही पड़ा रहा। गुरुवार सुबह परिजन और सहकर्मी शव लेकर काेल वाशरी गए। मुख्य द्वार पर शव रखकर परिवार के आश्रित काे नाैकरी देने की मांग करते रहे। नवरंगी के दाेनाें बेटे दिल्ली में रहते हैं, जाे सड़क मार्ग से निकल चुके हैं। यानी करीब 21 घंटे से शव खुले में पड़ा रहा। रात करीब 9 बजे परिजन अंतिम संस्कार के लिए ले गए। ऐसे में कालाॅनी के लाेग इतने डर गए हैं कि उन्हाेंने घर से बाहर निकलना छाेड़ दिया है।

रांची का सदर अस्पताल

परिजनों से गाड़ी लाने कहा और उसी में रख दिया शव

शुक्र है कवर करके दिया
शुक्र है कवर करके दिया

रांची सदर अस्पताल में गुरुवार काे 52 वर्षीय काेराेना संक्रमित की माैत हाे गई। ट्राॅली मैन में उसे ग्राउंड फ्लाेर पर लाकर रख दिया। परिजनाें से गाड़ी लाने काे कहा। जैसे ही वे अपनी निजी गाड़ी लेकर आए, ट्राॅलीमैन ने शव उसमें रख दिया। मजबूरन परिजनाें काे अपनी ही गाड़ी में शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए जाना पड़ा। एदलहातु के एक मरीज के परिजनाें के साथ भी ऐसा ही हुआ। वे भी अपनी ही गाड़ी में शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए गए।

जिम्मेदार बोले...

परिजन खुद अंतिम संस्कार करना चाहें तो दे देते हैं शव

धनबाद एसडीएम सुरेंद्र कुमार ने कहा-कुछ परिजन खुद अंतिम संस्कार करना चाहते हैं। उन्हें शव दे दिया जाता है। लेकिन शर्त होती है कि वे निर्धारित प्राेटाेकाॅल का पालन करेंगे। जाे शव नहीं छूना चाहते, उनके लिए प्रशासन की ओर से बलियापुर अमझर में अंतिम संस्कार की व्यवस्था है। शव एंबुलेंस से ही ले जाया जाता है। पांच लाेगाें की माैजूदगी में रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कराया जाता है।

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