CRPF जवान, नक्सलियों को सप्लाई करता था हथियार:झारखंड ATS ने तीन को किया गिरफ्तार, सभी बिहार के; 450 राउंड गोली भी बरामद

रांची13 दिन पहले
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रफ्तार अपराधी पंकज कुमार सिंह धनबाद के भूली में रह कर कोयला और जमीन का कारोबार कर रहा था। संजय सिंह झारखंड और बिहार के अलावा असम और नागालैंड में हथियार और कारतूस कारोबारियों से संपर्क में था। - Dainik Bhaskar
रफ्तार अपराधी पंकज कुमार सिंह धनबाद के भूली में रह कर कोयला और जमीन का कारोबार कर रहा था। संजय सिंह झारखंड और बिहार के अलावा असम और नागालैंड में हथियार और कारतूस कारोबारियों से संपर्क में था।

झारखंड आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS) ने नक्सलियों और राज्य के आपराधिक गिरोहों को हथियार सप्लाई करने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें पुलवामा में तैनात CRPF का एक जवान अविनाश कुमार ऊर्फ चुन्नू भी शामिल है, जो गया का रहने वाला है। बाकी आरोपी भी बिहार के रहने वाले हैं।

ATS के SP प्रशांत आनंद ने बताया कि पटना के ऋषि कुमार और मुजफ्फरपुर के पंकज कुमार को भी गिरफ्तार किया है। इनकी निशानदेही पर 450 राउंड जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। अभी तक की पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि AK-47 जैसे हथियार तक की सप्लाई करते थे। इनके अलावा इन्होंने अमन साहू, हरेंद्र यादव और लल्लू खान को भी हथियार और कारतूस मुहैया कराए हैं।

2011 में CRPF में बहाल हुआ था अविनाश

गिरफ्तार अविनाश कुमार CRPF के 182वीं बटालियन में आरक्षी था। ये पिछले 4 महीने से अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित था। वह 24 अगस्त 2011 को मोकामा ग्रुप सेंटर से CRPF में बहाल हुआ था। पहले 112 बटालियन CRPF लातेहार और 204 बटालियन कोबरा जगदलपुर में पदस्थापित रहा। 2017 से 182 बटालियन जगदलपुर में पदस्थापित है।

ठेकेदारी की आड़ में कर रहा था तस्करी

ATS के SP ने बताया कि ऋषि कुमार हटिया रांची में ट्रांसपोर्टेशन और एयरपोर्ट रोड में भवन निर्माण का कार्य करता था। इसी दौरान वह ठेकेदार संजय सिंह और मुजाहिर के संपर्क में आया, जो सरायकेला और चाईबासा क्षेत्र में सड़क निर्माण का कार्य कर रहा था। इन ठेकेदारों को माओवादियों की कारतूस उपलब्ध कराने की जिम्मेवारी दी गई थी।

असम और नागालैंड के कारोबारियों से भी कनेक्शन

इन ठेकेदारों ने बैंक खाते में रुपए जमा करवाकर कई बार कारतूस उपलब्ध कराए हैं। आरोपी पंकज कुमार सिंह धनबाद के भूली में रहकर कोयला और जमीन का कारोबार कर रहा था। संजय सिंह झारखंड और बिहार के अलावा असम और नागालैंड में हथियार और कारतूस कारोबारियों के संपर्क में था। उनके माध्यम से ऋषि के साथ अन्य व्यक्तियों को भी हथियार और कारतूस उपलब्ध कराता था।

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