जमीन का खतियान सिर्फ दिखावे का ऑनलाइन:कई जमीन का डेटा ही ऑनलाइन खतियान में नहीं मिल रहा

रांची2 महीने पहले
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जमीन के ऑनलाइन खतियान की प्रति आवेदक को सौंपतीं प्रभारी पदाधिकारी - Dainik Bhaskar
जमीन के ऑनलाइन खतियान की प्रति आवेदक को सौंपतीं प्रभारी पदाधिकारी

रांची जिले में जमीन का आरएस खतियान ऑनलाइन कर दिया गया है। कलेक्ट्रेट के ए ब्लाॅक के ग्राउंड फ्लाेर में कमरा नंबर जी 103 में बनाए गए माॅर्डन रेकर्ड रूम से अब जमीन के खतियान की सर्टिफाइड काॅपी ली जा सकती है। हर पेज के लिए 10 रुपए की दर से भुगतान करना हाेगा। भू-राजस्व विभाग के निर्देश पर जमीन के सभी खतियान काे ऑनलाइन ताे कर दिया गया है, लेकिन इसके लिए आपकाे पहले की तरह ही रेकर्ड रूम आकर आवेदन देना हाेगा। इसके बाद ऑनलाइन खतियान का प्रिंट निकाला जाएगा, जिस पर मुहर लगाकर आपकाे नकल की कॉपी दे दी जाएगी।

ऑनलाइन हाेते ही बुधवार काे पहले दिन 37 लाेगाें ने जमीन के खतियान का नकल लेने के लिए आवेदन किया। लेकिन इनमें से 17 लाेगाें काे ही नकल की काॅपी मिल सकी, बाकी लाेगाें की जमीन का डेटा मिला ही नहीं। और जिन आवेदकों काे पहले दिन खतियान की काॅपी मिली, वे भी काफी नाखुश दिखे, क्याेंकि उन्हें खतियान की नकल के लिए रेकर्ड रूम आकर ही आवेदन करना पड़ा। ख कार्यपालक दंडाधिकारी सह रेकर्ड रूम प्रभारी मैरी मड़की ने आवेदकों काे ऑनलाइन खतियान की नकल साैंपी।

  • 10 रुपए की दर से हर पेज का भुगतान करना हाेगा
  • 37 लाेगाें ने पहले दिन खतियान का नकल लेने के लिए दिए आवेदन
  • 17 काे ही नकल की काॅपी मिल सकी, बाकी की डेटा मिला ही नहीं

क्या होगी व्यवस्था... जिस जमीन का डेटा नहीं, हाथ से लिखा खतियान ही मिलेगा
जमीन का खतियान ऑनलाइन ताे कर दिया गया है, लेकिन कइयाें की जमीन से संबंधित डेटा ऑनलाइन नहीं दिख रहा। पहले ही दिन लगभग 50 प्रतिशत आवेदकों के खतियान का डेटा ऑनलाइन नहीं दिखा, ताे रेकर्ड रूम प्रभारी ने अपने स्तर से काफी प्रयास किया। खतियान ऑनलाइन करनेवाली एजेंसी काे इस तरह की समस्या तत्काल दूर करने का निर्देश ताे दिया,लेकिन इसके बावजूद समस्या दूर नहीं हाे सकी। प्रभारी ने कहा कि जिन लाेगाें की जमीन का खतियान ऑनलाइन नहीं दिख रहा है, उन्हें ऑफलाइन माेड से हाथ से लिखा हुआ नकल दिया जाएगा।

सबकुछ ठीक तो ये फायदे

  • खतियान ऑनलाइन हाेने से लाेगाें का समय बचेगा, क्याेंकि खतियान की ऑफलाइन नकल लेने में 5 से 15 दिनाें का समय लगता था।
  • रेकर्ड में कई बार मूल खतियान से छेड़छाड़ कर कर दी जाती थी या खतियान का पेज ही फाड़ दिया जाता था, ऑनलाइन हाेने से अब इस तरह की गड़बड़ी नहीं हाे सकेगी।
  • कैसी-कैसी समस्या... ऑनलाइन खतियान का प्रिंट धुंधला, आवदेक संतुष्ट नहीं
  • खतियान का प्रिंट काफी धुंधला आ रहा है। खाता-प्लाॅट भी साफ नहीं दिखाई दे रहा है।
  • प्रिंट पेपर पर ही मुहर और स्टांप लगाकर मिलने से आवदेक संतुष्ट नहीं।
  • सैकड़ाें माैजा का खतियान ऑनलाइन नहीं दिखा रहा है। ऐसे लाेगाें काे ऑफलाइन माेड में सर्टिफाइड काॅपी मिलेगी या नहीं, यह भी तय नहीं, क्याेंकि विभाग ने ऑनलाइन ही नकल जारी करने का आदेश दिया है।
  • खतियान के ऑनलाइन निकाले गए नकल में स्पष्ट शब्द नहीं हाेने पर उसमें छेड़छाड़ की जा सकती है। रजिस्ट्री ऑफिस में भी समस्या खड़ी हाेगी।
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